NEET PG 2026: नीट पीजी का कटऑफ कम करने वाले NBEMS के फैसले पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटमफॉर्म में इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. थर्ड राउंड की काउंसलिंग के बाद टॉप मेडिकल कॉलेज (Top Medical College) में 30-40 मार्क्स के दम पर स्टूडेंट्स को एडमिशन मिल रहा है. कई लोग इसे लापरवाही बता रहे हैं और NBEMS के कटऑफ घटाए जाने वाले फैसले की निंदा कर रहे हैं.
लक्ष्य मित्तल ने सुप्रीम कोर्ट से की अपील
यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) के अध्यक्ष लक्ष्य मित्तल ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा नीट पीजी थर्ड राउंड की काउंसलिंग का रिजल्ट काफी परेशान कर देने वाला है. 800 में नेगेटिव स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स को टॉप मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल रहा है. लक्ष्य मित्तल ने इस मामले को लेकर PIL भी दर्ज की थी. उन्होंने कहा कि हम चाहेंगे कि सुप्रीम कोर्ट जल्द-से-जल्द इस पर कोई एक्शन ले.
4 नंबर वाले बन रहे हैं डॉक्टर
यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नीट पीजी थर्ड राउंड की काउंसलिंग के अनुसार, Orthopaedic में 800 में से चार मार्क्स में सेलेक्शन हो रहा है. वहीं Gynaecologist का सेलेक्शन 800 में 44 मार्क्स में हुआ. जनरल सर्जन का सेलेक्शन 47 मार्क्स पर हुआ.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सोशल मीडिया पर इसे लेकर बवाल मच गया है. लोग इसे रिजर्वेशन से जोड़कर देख रहे हैं. लोग कह रहे हैं मेडिसिन की पढ़ाई को मजाक बना दिया है NBEMS ने. जरा सोचिए कि 4 मार्क्स लाने वाले डॉक्टर आपकी हड्डियां जोड़ेंगे. 45 मार्क्स वाले सर्जन बन सकते हैं. ये वही लोग हैं जो 5 साल पढ़ाई करके MBBS की डिग्री हासिल कर चुके हैं. ये स्टूडेंट्स NEET PG परीक्षा में पासिंग मार्क्स भी नहीं ला पाए और अब ये आपका इलाज करेंगे.
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