दिन में डॉक्टर की ड्यूटी, रात में UPSC की तैयारी, श्रीलक्ष्मी को AIR 133

UPSC Success Story: UPSC सिर्फ एग्जाम नहीं है, ये पूरा इमोशनल रोलर कोस्टर है. कभी मोटिवेशन हाई, तो कभी लगता है छोड़ो यार कुछ और कर लेते हैं. लेकिन जो लोग इस खेल में टिक जाते हैं, वही आखिर में IAS-IPS बनकर निकलते हैं. ऐसी ही कहानी है केरल की डॉक्टर श्रीलक्ष्मी की, जिन्होंने डॉक्टर की ड्यूटी के साथ UPSC में झंडा गाड़ दिया है.

UPSC Success Story: श्रीलक्ष्मी अश्विनी हॉस्पिटल में कैजुअलिटी मेडिकल ऑफिसर के तौर पर काम कर रही थीं. सोचिए, दिनभर मरीजों की देखभाल और फिर रात को किताबों के साथ बैठ जाना. ये आसान नहीं होता, लेकिन इनके अंदर IAS बनने का जुनून कुछ अलग ही लेवल का था. ऑनलाइन पढ़ाई को इन्होंने अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया. आइए उनकी जर्नी (Success Story) को करीब से देखते हैं.

UPSC Success Story: डॉक्टर से डायरेक्ट IAS

केरल के Thrissur की रहने वाली श्रीलक्ष्मी की पढ़ाई भी पूरी तरह अपने ही शहर में हुई. Sacred Heart Convent School से 12वीं पास की और फिर Government Medical College Thrissur से MBBS की डिग्री हासिल की. श्रीलक्ष्मी पहले डॉक्टर बनीं और फिर सोचा कि अब कुछ बड़ा करना है. यही सोच इन्हें UPSC तक ले गई.

पिता का निधन

श्रीलक्ष्मी IAS बनना चाहती थीं. ये सपना उनके पिता का था, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं. कोविड की वजह से उनके पिता का निधन हो गया था. इसके बावजूद परिवार ने हर कदम पर श्रीलक्ष्मी का साथ दिया. भाई प्रोफेसर हैं, बहन पोस्टमास्टर हैं और मां हमेशा हिम्मत बढ़ाने वाली. श्रीलक्ष्मी ने हॉस्पिटल में ड्यूटी करते हुए सिविल सर्विस परीक्षा दी.

डॉक्टर की ड्यूटी में श्रीलक्ष्मी

UPSC में 133वीं रैंक

जब UPSC Civil Services Examination का रिजल्ट आया, तो श्रीलक्ष्मी ने 133वीं रैंक हासिल कर ली. ये सिर्फ एक नंबर नहीं था, बल्कि सालों की मेहनत और सपनों का रिजल्ट था. श्रीलक्ष्मी को यूपीएससी में कुल 993 मार्क्स प्राप्त हुए. इसमें लिखित परीक्षा में 800 और इंटरव्यू राउंड में उन्हें 193 मार्क्स मिले.

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Published by: Ravi Mallick

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