Success Story HC Verma: फिजिक्स जैसे कठिन सब्जेक्ट को आसान बनाने वाले प्रोफेसर हरिशचंद्र वर्मा यानी एचसी वर्मा पद्मश्री से सम्मानित हैं. उनका जन्म बिहार के दरभंगा में हुआ था. उन्होंन पटना साइंस कॉलेज से पढ़ाई की है. आइए उनकी जर्नी को करीब से जानते हैं.
Success Story HC Verma: कौन हैं एचसी वर्मा?
साल 1980 में एचसी वर्मा पटना साइंस कॉलेज में शिक्षक बने. वह 11वीं और 12वीं के छात्रों को Physics पढ़ाते थे. उस समय वह Resnick और Halliday की किताब से पढ़ाते थे.
किताब बहुत अच्छी थी, लेकिन उसमें दिए गए उदाहरण और भाषा भारतीय छात्रों के लिए हमेशा आसान नहीं थे. खासकर छोटे शहरों और गांवों से आने वाले बच्चों को कई बातें अपनी जिंदगी से जुड़ी हुई नहीं लगती थीं.
एचसी वर्मा ने छात्रों की परेशानी समझी
एचसी वर्मा रोज बच्चों को पढ़ाते थे और उनकी दिक्कत देखते थे. उन्हें समझ आया कि समस्या बच्चों की काबिलियत में नहीं है. असली परेशानी यह है कि उन्हें पढ़ाने वाली किताब उनकी दुनिया को ध्यान में रखकर नहीं लिखी गई है.
उन्होंने ऐसी भारतीय किताब खोजने की कोशिश की, जिससे बच्चों को Physics आसानी से समझ आए. लेकिन उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से कोई किताब नहीं मिली.
ये भी पढ़ें: 6 बार हुए फेल, पिता ने बेची जमीन, नवादा के लाल ऐसे बने IPS ऑफिसर
खुद ही लिख डाली किताब
जब बाजार में सही किताब नहीं मिली तो एचसी वर्मा ने खुद किताब लिखने का फैसला किया. कई साल तक बच्चों को पढ़ाने के बाद उन्होंने Concepts of Physics नाम की किताब तैयार की.
यह किसी विदेशी किताब का सिर्फ अनुवाद नहीं था. उन्होंने सवाल, उदाहरण और समझाने का तरीका भारतीय छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया.
बच्चों की पसंद बन गई Concepts of Physics
धीरे-धीरे Concepts of Physics छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हो गई. खासकर 11वीं और 12वीं के छात्रों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों के लिए भी यह किताब काफी काम की साबित हुई.
पढ़ाई के साथ रिसर्च भी जारी रखी
1994 में एचसी वर्मा IIT कानपुर चले गए. वहां उन्होंने परमाणु भौतिकी के क्षेत्र में रिसर्च की. उन्होंने 139 रिसर्च पेपर भी प्रकाशित किए. 2017 में रिटायर होने के बाद भी उन्होंने पढ़ाना और शिक्षा से जुड़े काम करना नहीं छोड़ा.
उन्होंने Shiksha Sopan की शुरुआत में भी अहम भूमिका निभाई. यह संस्था IIT कानपुर के आसपास करीब 250 परिवारों के लिए शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम चलाती है.
Padma Shri से हुआ सम्मान
शिक्षा के क्षेत्र में उनके बड़े योगदान के लिए साल 2021 में एच.सी. वर्मा को Padma Shri से सम्मानित किया गया. उनकी कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने सिर्फ एक किताब नहीं लिखी. उन्होंने यह समझा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐसी भाषा और उदाहरण
ये भी पढ़ें: ऐश्वर्या बनीं देश की पहली ट्रांसजेंडर अफसर, समाज के तानों को बनाई ताकत और हौसले ने दिलाई नई पहचान
