Success Story Ankur Vishwakarma: अंकुर के लिए यह सफलता बिल्कुल आसान नहीं थी. उन्होंने करीब 5-6 साल तक तैयारी की और इस दौरान UPSC CAPF परीक्षा के चार प्रयास किए. कई बार नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, लेकिन उन्होंने तैयारी छोड़ने के बारे में नहीं सोचा. आखिरकार चौथे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 184वीं रैंक हासिल कर ली.
अंकुर बताते हैं कि सफर काफी मुश्किल था. लंबे समय तक पढ़ाई करना और बार-बार खुद को मोटिवेट रखना आसान नहीं होता. लेकिन उन्होंने हर कोशिश से कुछ सीखा और अगली तैयारी में उसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया.
सिर्फ सेल्फ स्टडी पर भरोसा
अंकुर ने अपनी तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. उन्होंने सेल्फ स्टडी के जरिए अपनी तैयारी पूरी की. पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपनी जरूरत के हिसाब से रूटीन बनाया और लगातार उस पर काम किया.
उनकी तैयारी में AI ने भी अहम भूमिका निभाई. अंकुर के मुताबिक AI ने उनके लिए एक गाइडिंग लाइट की तरह काम किया. रूटीन बनाने से लेकर नोट्स तैयार करने, फ्लो चार्ट बनाने और लिखे हुए उत्तरों का मूल्यांकन करने तक उन्होंने AI की मदद ली. इंटरव्यू की तैयारी और प्रैक्टिस में भी AI उनके काम आया.
ये भी पढ़ें: UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट का फाइनल रिजल्ट जारी, टॉप 10 में 3 लड़कियां, देखें लिस्ट
पिता की बैटरी दुकान
अंकुर के पिता जीवेंद्र विश्वकर्मा सोनपुर में बैटरी की दुकान चलाते हैं. उनकी मां का नाम हेमलता विश्वकर्मा है. अंकुर बताते हैं कि उनके माता-पिता ने पूरी यात्रा में उनका लगातार साथ दिया. तैयारी के मुश्किल दौर में परिवार का भरोसा उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना.
अंकुर ने अपनी स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय सोनपुर से पूरी की. इसके बाद उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में BA किया. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने करियर को लेकर लक्ष्य तय करना शुरू कर दिया था.
अंकुर को Singing का शौक
अब सपना IPS बनने का
UPSC CAPF में असिस्टेंट कमांडेंट बनने के बाद भी अंकुर रुकने वाले नहीं हैं. उनका अगला लक्ष्य UPSC Civil Services Examination क्रैक कर IPS अधिकारी बनना है. यानी एक मंजिल हासिल करने के बाद उन्होंने अगली मंजिल भी तय कर ली है.
ये भी पढ़ें: रितिका का डबल धमाका, BPSC के बाद UPSC में जलवा, AIR 12 लाकर बनीं CAPF असिस्टेंट कमांडेंट
