NEET UG Success Story: अखिल कुमार के पिता खेती करते हैं और साथ ही एक छोटी सी किराना दुकान चलाकर घर का खर्च चलाते हैं. मां घर संभालती हैं. परिवार में अखिल पहले ऐसे सदस्य हैं जो मेडिकल की पढ़ाई की तरफ बढ़े हैं, यानी वे फर्स्ट जनरेशन एस्पिरेंट हैं.
पैसों की कमी नहीं बनी रुकावट
गांव में रहकर बड़े शहरों जैसी महंगी कोचिंग लेना अखिल के परिवार के लिए मुमकिन नहीं था. लेकिन अखिल ने हार नहीं मानी. उन्होंने तय कर लिया था कि आर्थिक तंगी उनके डॉक्टर बनने के सपने के आड़े नहीं आने देंगे. यहीं से उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई का रास्ता चुना और डिजिटल माध्यम को अपनी ताकत बना लिया.
PhysicsWallah से मिला सहारा
अखिल ने अपनी NEET की तैयारी PhysicsWallah के ऑनलाइन बैचेज के जरिए की. गांव में बैठकर भी उन्हें वही क्वालिटी कंटेंट और गाइडेंस मिली जो बड़े शहरों के स्टूडेंट्स को मिलती है. उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और अपनी मेहनत में कोई कमी नहीं रखी. वे मानते हैं कि उनके मेंटर्स ने पूरी तैयारी के दौरान उनका साथ दिया और सही दिशा दिखाई.
NEET में मिली सफलता
इस मेहनत का नतीजा NEET UG 2026 में सामने आया, जब अखिल ने 617 अंक हासिल किए और उन्हें ऑल इंडिया रैंक 5631 मिली. यह सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि एक ऐसे परिवार की उम्मीदों का सच होना है जिसने कभी बड़े सपने देखने की हिम्मत नहीं छोड़ी. अब अखिल अपने परिवार के पहले डॉक्टर बनने से बस एक कदम दूर हैं.
अखिल बार-बार यह बात दोहराते हैं कि उनकी इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार का भरोसा सबसे बड़ी वजह है. जब आसपास संसाधन ना हों, तब घरवालों का साथ ही सबसे बड़ा सहारा बनता है. उनके माता-पिता ने कभी उन्हें यह महसूस नहीं होने दिया कि पैसों की कमी उनके सपनों से बड़ी है.
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