Google की जॉब नहीं आई रास, विदेश में लाखों का पैकेज छोड़कर लावन्या बनीं IAS

IAS Lavanya Gaur Success Story: कहते हैं, जब मन में ठान लो तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता. ऐसी ही कहानी है दिल्ली की लावन्या गौर की, जिन्होंने UPSC सिविल सर्विस परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 57 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया. लेकिन उनकी ये सफलता रातों-रात नहीं आई, इसके पीछे हैं सालों की मेहनत, असफलताएं और खुद पर अटूट भरोसा.

IAS Lavanya Gaur Success Story: कभी Google की चमकदार जॉब करती थीं, आज भारत सरकार की सेवा में IAS अधिकारी हैं. यह कहानी है दिल्ली की लावन्या गौर की, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि जिंदगी में अगर लक्ष्य साफ हो, तो राह कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, मंजिल मिलकर ही रहती है. आइए उनकी सफलता (Success Story) के पीछे के संघर्ष को करीब से देखते हैं.

IAS Lavanya Gaur Success Story: दिल्ली की रहने वाली

लावन्या गौर मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं. उनकी स्कूली पढ़ाई भी दिल्ली से ही हुई. बचपन से ही वे पढ़ाई में तेज थीं, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वे सिविल सर्विस की परीक्षा देकर देश की सेवा करेंगी. स्कूल खत्म होने के बाद उन्होंने बीटेक (BTech) में एडमिशन लिया और पढ़ाई के दौरान भी शानदार प्रदर्शन किया.

Google में मिला इंटर्नशिप का मौका

बीटेक पूरा करने के बाद लावन्या को Google जैसी नामी कंपनी में इंटर्नशिप का मौका मिला. वहां उन्होंने अपनी मेहनत और टैलेंट से सबको प्रभावित किया. इसके बाद उन्होंने कुछ और मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में भी काम किया. अच्छी सैलरी, आरामदायक लाइफ और सुरक्षित करियर – सब कुछ था, लेकिन मन को सुकून नहीं था.

कॉर्पोरेट वर्ल्ड से सिविल सर्विस

लावन्या बताती हैं कि एक दिन उन्हें लगा कि वे सिर्फ खुद के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहती हैं. यही सोचकर उन्होंने अपनी जॉब छोड़ दी और UPSC की तैयारी शुरू कर दी. शुरुआत में यह फैसला आसान नहीं था. परिवार और दोस्तों को भी लगा कि वे एक स्थिर करियर छोड़कर बहुत बड़ा रिस्क ले रही हैं. लेकिन लावन्या ने हार नहीं मानी.

पहले तीन प्रयासों में नाकामी मिली. हर बार कुछ अंक कम रह जाते या इंटरव्यू में चूक हो जाती. लेकिन उन्होंने कहा कि मैं रुकी तो सब खत्म हो जाएगा. उन्होंने गलतियों से सीखा, अपनी रणनीति बदली और चौथे प्रयास में कमाल कर दिखाया- रैंक 57 के साथ IAS बनकर अपना सपना पूरा किया.

आज लावन्या गौर देशभर के युवाओं के लिए एक मिसाल हैं. उन्होंने दिखा दिया कि सफलता की चाबी डिग्री या किस्मत नहीं, बल्कि मेहनत और धैर्य है. Google जैसी कंपनी की जॉब छोड़ IAS बनना आसान नहीं था, लेकिन लावन्या ने कर दिखाया.

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Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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