Dimple Chouhan Success Story: डिंपल चौहान का ये पांचवां प्रयास था. कई बार कोशिश करने के बाद आखिरकार उन्हें वह सफलता मिल गई जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रही थीं. हालांकि, डिंपल को ये सफलता आसानी से नहीं मिली है. एक लंबा संघर्ष रहा है. आइए उनकी जर्नी (Dimple Chouhan Success Story) को करीब से जानते हैं.
Dimple Chouhan Success Story: कौन हैं डिंपल चौहान?
डिंपल चौहान मूल रूप से बीकानेर की रहने वाली हैं, लेकिन उनका परिवार करीब 35 साल से जालोर में रह रहा है. उनके पिता डॉ रमेश चौहान जालोर में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद से रिटायर हो चुके हैं.
डिंपल की शुरुआती पढ़ाई जालोर में ही हुई. उन्होंने यहां से आठवीं तक पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने उदयपुर से 10वीं और कोटा से 12वीं की परीक्षा पास की.
IIT गुवाहाटी से की इंजीनियरिंग
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद डिंपल ने इंजीनियरिंग करने का फैसला किया. उन्होंने IIT गुवाहाटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और लगातार मेहनत करती रहीं.
दिल्ली में असिस्टेंट कमिश्नर
डिंपल के पिता बताते हैं कि यूपीएससी की तैयारी आसान नहीं होती. डिंपल पहले भी इस परीक्षा में पास हो चुकी थीं, लेकिन रैंक पीछे रहने की वजह से उन्हें आईएएस नहीं मिल पाईं. डिंपल दिल्ली में केंद्रीय ट्रेड एंड टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर काम कर रही हैं.
नौकरी करने के साथ-साथ डिंपल ने पढ़ाई भी जारी रखी. उन्होंने हार नहीं मानी और हर बार पहले से ज्यादा मेहनत की. आखिरकार पांचवें प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई और उन्होंने 131वीं रैंक हासिल कर ली.
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