21 परीक्षाएं दीं, 14 में मिली निराशा...फिर BPSC के पहले ही प्रयास में 23वीं रैंक, MP की बेटी बिहार में बनेगी SDM

70th CCE BPSC Result 2026: टीकमगढ़ जिले की आस्था दमेले (Astha Damele) ने 70वीं BPSC परीक्षा में 23वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की है. उन्होंने कई सारी परीक्षाएं दी हैं और असफल हो गईं. पिता, बड़े भाई और छोटी बहन ने हमेशा मोटिवेट किया.

70th CCE BPSC Result 2026: बिहार BPSC 70वीं CCE परीक्षा में मध्य प्रदेश की आस्था दमेले ने 23वीं रैंक हासिल की है. इससे पहले भी उन्होंने कई सारी PCS परीक्षा दी थी. प्रतियोगिता परीक्षा की शुरुआत UPSC से हुई थी. कई असफलताओं के बाद आस्था ने BPSC की परीक्षा दी और अपने पहले ही अटेंप्ट में सफलता हासिल कर ली. उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत और अब साल भर की मेहनत रंग लाई. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरा राज्य में खुशी का माहौल है.

दिल्ली से शुरू हुआ BPSC का सफर

आस्था मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा शहर की रहने वाली हैं. आस्था के पिता बिजनेसमैन हैं, वे छोटे-छोटे सीजनल बिजनेस करते हैं. वे यूपीएससी की तैयारी के दौरान दिल्ली में रहती थीं. वहीं से उन्होंने BPSC के लिए फॉर्म डाला और ऑनलाइन क्लासेज की मदद से तैयारी करती रहीं.

क्लास 7 से घर छोड़ना पड़ा, DU से किया ग्रेजुएशन

आस्था पलेरा जैसे छोटे से शहर में कोई खास पढ़ाई की सुविधा नहीं है. यही कारण है कि कक्षा 7वीं के बाद आस्था ने घर छोड़ दिया. उन्होंने छतरपुर में रहकर 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई की. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद इग्नू से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

सफलता हासिल करने का मूल मंत्र

आस्था हर विषय के लिए खुद का नोट्स बनाती थीं और उन्हीं नोट्स पर ज्यादा फोकस करती थीं. इस आदत ने उन्हें BPSC की मेन्स परीक्षा में बहुत मदद की. आस्था को डायग्राम बनना बहुत पसंद था, वे हर सवाल और टॉपिक के लिए डायग्राम बनाया करती थीं. साथ ही हर सवाल के लिए उदाहरण, कोट्स आदि का इस्तेमाल करती थीं. उन्होंने मेन्स परीक्षा के लिए जी-तोड़ मेहनत की थी. PYQs और टाइम मैनेजमेंट पर भी आस्था ने बहुत ध्यान दिया. प्रीलिम्स के लिए आस्था ने करेंट अफेयर्स पर ध्यान दिया था.

Bpsc अस्पिरेंट के लिए सक्सेस मंत्र

न्यूज पेपर एनालिसिस जरूरी है

आस्था सभी चीजों को ऑनलाइन पढ़ती थीं. वे सभी बुक्स के पीडीएफ डाउनलोड कर लेती थीं और फिर उन्हें पढ़कर अपना खुदा का नोट्स बनाती थीं. न्यूज पेपर एनालिसिस को BPSC या अन्य सिविल सेवा परीक्षा के लिए बहुत जरूरी बताया. उनका मानना है कि न्यूज पेपर से आप देश विदेश के मुद्दे से अपडेटेड रहेंगे.

राजस्थान, MP कई राज्यों की PSC परीक्षाएं दी

ये सफलता इतनी आसान नहीं थी. इसके पीछे एक लंबा संघर्ष छुपा है, जो कई सारी प्रतियोगिता और सरकारी परीक्षाओं से होकर गुजरा है. UPSC के अलावा आस्था ने MPPSC, UPPSC, राजस्थान PSC दी है. इसके अलावा उन्होंने CSIR की वैकेंसी, IBSIO की वैकेंसी आदि के लिए भी अप्लाई किया था. कुल मिलाकर उन्होंने 21 परीक्षाएं दी हैं, जिसमें से सफलता सिर्फ 7 में मिली है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि आपकी जीत ही आपका असफलता ही तय करती हैं. आप केवल मेहनत करते रहें और बाकी सब भगवान पर छोड़ दें.

बिहार में SDM बनेगी MP की बेटी

आस्था UPSC का सपना लेकर दिल्ली आई थीं. उन्हें लगा था कि वे पहले ही अटेंप्ट में IAS बन जाएंगी. लेकिन 2 अटेंप्ट तक जब उनके हाथ असफलता लगी तो उन्हें इस बात का धक्का बहुत लगा. उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि जो लड़की UPSC का सपना लेकर आई थी वो बिहार में SDM बन जाएगी.

पिता ने किया सपोर्ट, नहीं टूटने दी हिम्मत

जब शुरुआती दौर में आस्था बार-बार परीक्षा में असफल हो रही थीं तो उनके पिता ने उनसे एक ही चीज बोली थी कि वे सभी भर्ती परीक्षा दें किसी न किसी में सफलता जरूर मिलेगी. पिता ने हर कदम पर उनका सपोर्ट किया. उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा परीक्षा में बैठने के लिए मोटिवेट किया.

आस्था दमेले

स्वास्थ्य का ध्यान रखें, एक घंटे योग जरूर करें

आस्था का मानना है कि जरूरी नहीं है कि आप 10-12 घंटे पढ़ें. लेकिन नियमित रूप से जरूर पढ़ें. साथ ही उन्होंने दूसरे अस्पिरेंट को सलाह दी कि आप हर दिन एक घंटे योग और मेडिटेशन जरूर करें. इससे आप दिमाग मजबूत और रिलैक्स होगा. किसी भी परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए मेडिटेशन बहुत काम आता है. अगर आपका सफर लंबा और कठिन है तो सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है.

नेगेटिव बातों पर ध्यान न दें, बहन-भाई आस्था को मानते थे प्रेरणा

तैयारी के दौरान नेगेटिव ख्याल आना आम बात है. आस्था कई बार सोचती थीं कि क्या उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा. लेकिन उनके बड़े भाई उन्हें काफी सपोर्ट किया करते थे. वे हमेशा कहते थे कि सफलता सिर्फ रिजल्ट नहीं है, बल्कि जो पढ़ाई हम कर रहे हैं वो भी हमारे लिए किसी हासिल से कम नहीं है. वहीं आस्था की छोटी बहन के लिए वे स्कूल के दिनों से प्रेरणा रही हैं.

बेटी को SDM का पद मिलने पर भावुक हुए माता -पिता

आस्था के माता-पिता उनकी इस सफलता से बेहद खुश हैं. जब BPSC का रिजल्ट आया था तो पिता ये जानना चाहते थे कि आस्था को कौन सा पद मिलेगा. जब उन्हें पता चला कि बेटी को SDM का पद मिलेगा, उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया. मां तो इस बात से इतनी खुश हैं कि वे इस रिजल्ट को अभी तक एक्सेप्ट नहीं कर पाई हैं. आस्था भी इतने सालों के संघर्ष के बाद मिली इस सफलता को एक्सेप्ट नहीं कर पा रही हैं. जब उन्हें कोई बधाई देता है तो उन्हें महसूस होता है कि उन्होंने कुछ हासिल किया है.

यह भी पढ़ें- इंटरव्यू में सर ने कहा वेरी गुड…पटना के यश ने बिना किसी कोचिंग BPSC में पाई सफलता, बनेंगे DSP

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >