3 Friends Success Story: आज हम आपको ऐसे डिजिटल दोस्ती के बारे में बताएंगे, जिसने UPSC जैसी परीक्षा में सफलता हासिल करने में मदद की. यह सक्सेस स्टोरी तीन दोस्त सिद्धार्थ श्रीवास्तव, चंद्रप्रभा शर्मा और खुशहाली सोलंकी की है. आइए इनकी सक्सेस स्टोरी के बारे में डीटेल में जानते हैं.
Telegram Friendship: टेलीग्राम पर हुई थी दोस्ती
सिद्धार्थ श्रीवास्तव, चंद्रप्रभा शर्मा और खुशहाली सोलंकी, तीनों की दोस्ती टेलीग्राम पर हुई थी. टेलीग्राम पर छह लोगों का एक स्टडी ग्रुप बना था, जिसके जरिए ये तीनों मिले थे. फिर तीनों दोस्तों ने अपनी मेहनत से कामयाबी की कहानी लिख दी. तीनों दोस्तों में से आज एक IAS, दूसरी IRS और तीसरे IPS अधिकारी हैं.
Regular Connection: हर रोज हाेती थी बात
तीनों अलग-अलग शहरों से होने के बावजूद, हर रात 10 बजे ऑनलाइन कॉल पर जुड़ते थे. यह इनका नियम बन गया था. वे तीन दोस्त दिनभर की पढ़ाई का डिस्कशन, एक-दूसरे के मॉक इंटरव्यू लेना, गलतियां सुधारना और जब कोई हताश हो जाए तो उसे मोटिवेट करते थे.
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About Siddharth Srivastava: कौन हैं सिद्धार्थ श्रीवास्तव?
बनारस के रहने वाले सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने IIT BHU से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है. चार अटेंप्ट फेल होने के बाद नायब तहसीलदार बने, लेकिन आईपीएस बनने का सपना नहीं छोड़ा. सिद्धार्थ श्रीवास्तव 5वें अटेंप्ट में इंटरव्यू से बाहर हुए, लेकिन 6वें प्रयास में आखिरकार अपनी लगन और दोस्तों के साथ से 2024 बैच में 118वीं रैंक हासिल की और IPS बने.
About Chandra Prabha: कौन हैं चंद्रप्रभा शर्मा?
महाराष्ट्र की चंद्रप्रभा शर्मा अमेरिका की जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स की हैं. इसके बाद कई इंटरनेशनल एनवायरनमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम भी कर चुकी हैं. इसके बाद उन्होंने UPSC करने का साेंचा और भारत लौटीं. वर्ष 2016 से शुरू हुआ संघर्ष कई असफलताओं के बाद 2023 के 6वें अटेंप्ट में रंग लाया. चंद्रप्रभा शर्मा 2023 बैच में 289वीं रैंक के साथ वह IRS बनीं हैं.
About Khushali Solanki: कौन हैं खुशहाली सोलंकी?
राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली खुशहाली सोलंकी ने 2024 बैच में 61वीं रैंक लाकर IAS बनीं हैं. उन्हें NIT सूरत से पढ़ाई के दौरान IIT बॉम्बे में मास्टर्स का ऑफर मिला था. हालांकि देश सेवा के जुनून में उन्होंने IIT का सपना छोड़ दिया. पहले दो प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन तीसरे प्रयास में अपनी मेहनत और ग्रुप के गाइडेंस से उनहोंने सफलता पाई.
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