STEM Education In India: भारत में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (STEM) शिक्षा के फील्ड में लगातार विकास हो रहा है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में STEM कोर्सेज में कुल रजिस्ट्रेशन बढ़कर 1.02 करोड़ (101.9 लाख) हो गया है. साथ ही, इन कोर्सेज में छात्राओं की भागीदारी भी बढ़कर 44% तक पहुंच गई है.
एक दशक में बढ़ा STEM का नामांकन
जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 में STEM कोर्सेज में 91.5 लाख छात्रों का रजिस्ट्रेशन था, जो 2023-24 में बढ़कर 101.9 लाख हो गया. इससे स्पष्ट है कि देश में STEM शिक्षा के प्रति स्टूडेंट्स का क्रेज बढ़ा है.
छात्राओं की भागीदारी में भी इजाफा
STEM शिक्षा में छात्राओं की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ी है. 2014-15 में जहां छात्राओं की भागीदारी 38% थी, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 44% हो गई. इसी अवधि में छात्रों की हिस्सेदारी 62% से घटकर 56% रह गई. ये आंकड़े दिखाते हैं कि STEM एजुकेशन में जेंडर इक्वालिटी आ रही है.
क्या है STEM शिक्षा?
STEM का मतलब Science (विज्ञान), Technology (प्रौद्योगिकी), Engineering (इंजीनियरिंग) और Mathematics (गणित) है. इन विषयों से जुड़े कोर्स छात्रों को इनोवेशन, रिसर्च, टेक्निकल विकास और फ्यूचर की नौकरियों के लिए तैयार करते हैं.
क्या कहते हैं ये आंकड़े?
STEM पाठ्यक्रमों में कुल नामांकन 91.5 लाख से बढ़कर 101.9 लाख हुआ. छात्राओं की भागीदारी 38% से बढ़कर 44% पहुंची. भारत का STEM इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है. साइंस और टेक्नोलॉजी शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है.
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