स्टार्टअप करना है तो 2026 बन सकता है गेमचेंजर! Budget से हैं बड़ी उम्मीदें

Startup In Budget 2026: स्टार्टअप इंडिया ने 10 साल पूरे किए हैं. वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 2 लाख स्टार्टअफ रजिस्ट्रर हुए हैं. द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में ये बातें कही. आइए, जानते हैं कि आने वाले समय में किस तरह से स्टार्टअप के फील्ड में बूम आने वाला है.

Startup In Budget 2026: स्टार्टअप शुरू करने वाले हैं तो आने वाला साल आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है. बजट 2026 में स्टार्टअप करने वालों को बड़ा फायदा हो सकता है, इस तरह के संकेत मिल रहे हैं. खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिभाषण में भी स्टार्टअप को लेकर कई बातें कही.


Startup In Budget 2026: द्रौपदी मुर्मू ने स्टार्टअप को लेकर क्या कहा?

  • दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है भारत
  • 2014 में देश में सिर्फ 500 स्टार्टअप थे, अब 2 लाख से ज्यादा रजिस्टर हो चुके हैं
  • भारत आत्मनिर्भर बन रहा है
  • नए सेक्टर्स को बढ़ावा मिल रहा है.

Budget 2026: स्टार्टअप शुरू करने वालों के लिए क्यों बन सकता है गोल्डन ईयर?

आने वाले समय में स्टार्टअप से बड़ी क्रांति आ सकती है. आइए, इन प्वॉइंटर्स से समझते हैं कि 2026 का बजट स्टार्टअप करने वालों के लिए क्यों खास हो सकता है.

1.) स्टार्टअप करने वाले युवाओं के लिए क्यों खास हो सकता है?

आने वाले साल में सरकार का फोकस जॉब क्रिएशन और इनोवेशन पर रहने की उम्मीद है, जिससे नए बिजनेस शुरू करने वालों को सपोर्ट मिलेगा. डिजिटल टूल्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होने से फर्स्ट-टाइम फाउंडर्स के लिए एंट्री आसान हो सकती है.

2.) बजट से स्टार्टअप्स को किन मोर्चों पर राहत की उम्मीद है?

स्टार्टअप्स को टैक्स में छूट, कंप्लायंस आसान करने और सस्ते लोन जैसी राहत की उम्मीद है. इसके अलावा इनक्यूबेशन सेंटर और रिसर्च फंडिंग को बढ़ावा मिलने की संभावना भी जताई जा रही है.

3.) टैक्स, फंडिंग और इनोवेशन पर सरकार से क्या एक्सपेक्टेशन है?

स्टार्टअप्स चाहते हैं कि टैक्स नियम सरल हों और शुरुआती सालों में टैक्स हॉलिडे का दायरा बढ़े. साथ ही सरकारी और प्राइवेट फंडिंग चैनल मजबूत हों और डीप-टेक व AI जैसे सेक्टर में इनोवेशन को सपोर्ट मिले.

4.) युवाओं और महिलाओं के लिए स्टार्टअप पॉलिसी में क्या नए मौके बन सकते हैं?

युवाओं और महिला उद्यमियों के लिए स्पेशल स्कीम, ग्रांट और मेंटरशिप प्रोग्राम आने की उम्मीद है. इससे कॉलेज से निकलते ही बिजनेस शुरू करने वालों और वुमन-लीड स्टार्टअप्स को सीधा फायदा मिल सकता है.

5.) छोटे शहरों से निकलने वाले स्टार्टअप्स पर बजट का क्या असर होगा?


बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस बढ़ने से वहां के स्टार्टअप्स को इंफ्रास्ट्रक्चर और फंडिंग का सपोर्ट मिल सकता है. इससे बड़े शहरों के बाहर भी स्टार्टअप कल्चर मजबूत होगा और लोकल टैलेंट को मौका मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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