Savita Pradhan: मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी सविता प्रधान (Savita Pradhan) इन दिनों चर्चा में हैं. उन्होंने अपना सिर मुंडवाया और अपनी फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों के मन में एक सवाल आया कि आखिर उन्होंने बाल क्यों कटवाए. सोशल मीडिया पर तरह-तरह की खबरें चलने लगीं. सभी खबरों का खंडन करते हुए सविता प्रधान ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से बाल कटवाए हैं और किसी भी महिला की खूबसूरती उसके बालों से तय नहीं होती है.
सिर मुंडवा कर शेयर की तस्वीरें
करीब दो सप्ताह पहले सविता प्रधान ने सिर मुंडवाने (Savita Pradhan Shaved Her Head) के बाद इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की थी, जिसका कैप्शन था आपकी खूबसूरती लंबे बालों या गहनों से नहीं चमकती, बल्कि आपके आत्मविश्वास से निखरती है.
इस फोटो को देखने के बाद सोशल मीडिया में कई तरह की खबरें आने लगीं. ऐसे में आइए जानते हैं सविता प्रधान कौन हैं और उन्होंने बाल कटवाने के बाद सोशल मीडिया पर क्या मैसेज दिया.
फेसबुक पर बताया बाल कटवाने का असली कारण
सविता प्रधान ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की और कहा कि उन्होंने अपने बाल पूरी तरह अपनी इच्छा से कटवाए हैं और इसका किसी दुख, निराशा या पारिवारिक समस्या से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि लोग मेरे बाल कटवाने पर जिस तरह से आश्चर्य दिखा रहे हैं वो उनकी माइंडसेट दिखाता है.
उनका मानना है कि असली सुंदरता बालों, गहनों या बाहरी रूप में नहीं, बल्कि कॉन्फिडेंस और पर्सनालिटी से आती है. सोसाइटी अक्सर महिलाओं को उनके रंग, कद, वजन या बालों के आधार पर आंकता है जबकि व्यक्ति की पहचान इन चीजों से नहीं बदलती है. वो कहती हैं कि उन्होंने यह फैसला अपनी खुशी और मानसिक संतुष्टि के लिए लिया है और बिना बालों के भी वे खुद को उतना ही सुंदर, आत्मविश्वासी और सहज महसूस करती हैं.
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एक तरफ जहां उन्होंने फेसबुक पर इस तरह की बातें लिखी. वहीं कई खबरों में ये कहा जा रहा है कि उन्होंने किसी कैंसर पीड़ित के लिए विग बनाए जाने के लिए अपने बाल डोनोट किए. एक कैंसर पीड़ित ने उनसे मिलकर कहा था कि मैम आपके बाल काफी सुंदर हैं. हालांकि, सविता प्रधान का मानना है कि हर सोशल वर्क के लिए आपको पब्लिसिटी नहीं करनी चाहिए.
11 साल में शादी, घरेलू हिंसा की हुईं शिकार
सविता प्रधान मूल रूप से मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम के मड़ई गांव की रहने वाली हैं. उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था. उनके पिता मजदूरी करते थे. कम उम्र में ही उनकी शादी करा दी गई थी. ससुराल और शादी के रिश्ते में उन्होंने प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. हालांकि, इन सब के बाद भी उनकी पढ़ने की इच्छा मरी नहीं थी. एक दिन उन्होंने फैसला किया और अपने दो बच्चों को लेकर सुसराल से निकल गई. गरीबी, संघर्ष और आर्थिक तंगी को मात देकर सविता PCS अधिकारी बनीं.
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