Sampurnanand Sanskrit Vishwavidyalaya: काशी (वाराणसी) को प्राचीन काल से शिक्षा, संस्कृति और धर्म की राजधानी माना जाता है. इसी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय. वर्ष 1791 में 'गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज' के रूप में स्थापित यह संस्थान भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित संस्कृत विश्वविद्यालयों में शामिल है.
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय: एक नजर में
| पैरामीटर | विवरण |
| स्थापना | 1791 (1958 में विश्वविद्यालय का दर्जा मिला) |
| स्थान | चौकाघाट,जगतगंज, वाराणसी, उत्तर प्रदेश |
| मान्यता | UGC एंड NAAC |
| परिसर | 67 एकड़ |
| ऑफिशियल वेबसाइट | ssvv.ac.in |
कौन-कौन से कोर्सेस उपलब्ध हैं?
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में पारंपरिक संस्कृत शिक्षा के साथ कई आधुनिक और प्रोफेशनल कोर्सेस भी चलाया किए जाते हैं. यूनिवर्सिटी में UG लेवल पर शास्त्री (BA), शिक्षा शास्त्री (BEd) और BLibSc, जबकि PG स्तर पर आचार्य (MA) और शिक्षाचार्य (MEd) जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं. इसके अलावा विद्या वारिधि (PhD) के माध्यम से अलग-अलग विषयों में रिसर्च का अवसर मिलता है. साथ ही डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स में ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, कर्मकांड, मंदिर प्रबंधन, योग विज्ञान तथा पाली, प्राकृत और फ्रेंच भाषा जैसे सब्जेक्ट शामिल हैं.
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एडमिशन प्रोसेस एंड एलिजिबिलिटी
विश्वविद्यालय में admission प्रक्रिया हर साल नए एकेडमिक सेशन के लिए ऑनलाइन आयोजित की जाती है. यहां से UG (शास्त्री) के लिए 12वीं या बराबर का एग्जाम संस्कृत विषय के साथ पास होना जरूरी है. साथ ही मिनिमम 45 से 50 प्रतिशत अंक भी जरूरी हैं. वहीं बात करें PG (आचार्य) के लिए शास्त्री (BA संस्कृत) में काम से काम 50 प्रतिशत अंक होना चाहिए. अगर आप PhD करना चाहते हैं तो इसके लिए आचार्य,MA के साथ UGC-NET,JRF या यूनिवर्सिटी का एंट्रेंस एग्जाम पास होना जरूरी है.
कैसे करें आवेदन?
- विश्वविद्यालय की ऑफिशियल वेबसाइट ssvv.ac.in पर जाएं.
- एडमिशन पोर्टल में रजिस्ट्रेशन करें.
- एकेडमिक और अन्य जानकारी भरें.
- जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें.
UG कोर्स में एडमिशन मुख्य रूप से मेरिट के आधार पर होता है. वहीं PG और PhD Courses में एंट्रेंस एग्जाम और इंटरव्यू के आधार पर सिलेक्ट किया जाता है.
Sampurnanand Sanskrit Vishwavidyalaya: करियर स्कोप
संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े फील्ड में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट एंड करियर गाइडेंस सेल स्टूडेंट्स को अलग-अलग फील्ड में करियर बनाने में मदद करता है.
टीचिंग और ऐकडेमिक फील्ड
केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय, कॉलेज और गुरुकुलों में संस्कृत शिक्षक एवं प्रोफेसर बनने का अवसर मिलता है.
रिसर्च
राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (National Mission for Manuscripts), आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट और अलग-अलग रिसर्च सेंटर में रिसर्च फेलो के रूप में करियर बनाया जा सकता है.
सिविल सर्विस
UPSC और राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में संस्कृत साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनकर भी बेहतर करियर बनाया जा सकता है.
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