इस विश्वविद्यालय में 2000 से अधिक स्टूडेंट हो गए फेल, नए परीक्षा पैटर्न से लगा झटका

DAVV University Result: इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू नए अध्यादेश 14-1 के पहले ही नतीजे ने स्टूडेंट्स को हैरान कर दिया है. बीए और बीएससी प्रथम वर्ष के 2,000 से अधिक स्टूडेंट अनिवार्य हिंदी और अंग्रेजी विषयों में अनुत्तीर्ण हो गए हैं. इंटरनल असेसमेंट की सुविधा खत्म होने से पास प्रतिशत गिरकर 40% रह गया है.

DAVV University Result: इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के फर्स्ट ईयर के एग्जाम रिजल्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. विश्वविद्यालय द्वारा लागू किए गए नए परीक्षा पैटर्न 'ऑर्डिनेंस 14-1' के तहत बीए और बीएससी फर्स्ट ईयर के 2,000 से अधिक स्टूडेंट अनिवार्य हिंदी और अंग्रेजी विषय में फेल हो गए हैं.

इस नए बदलाव के कारण बीए और बीएससी का संयुक्त पास प्रतिशत गिरकर मात्र 40% के आसपास आ गया है. इस परीक्षा में लगभग 13,000 स्टूडेंट शामिल हुए थे. रिजल्ट की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध कॉलेजों से जवाब मांगा है.

ये भी पढ़ें: DU तीसरे राउंड की सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी, जानें कब तक करना होगा एडमिशन

जानिए क्यों बिगड़ा स्टूडेंट्स का रिजल्ट

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू ऑर्डिनेंस 14-1 ने परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है.

  • इंटरनल असेसमेंट खत्म: पुरानी व्यवस्था में 70 अंकों की लिखित परीक्षा और 30 अंकों का इंटरनल असेसमेंट होता था. अब इसे खत्म करके पूरे 100 अंकों की केवल थ्योरी परीक्षा ली गई है.
  • 35 अंक लाना अनिवार्य: अब स्टूडेंट्स को पास होने के लिए थ्योरी परीक्षा में ही कम से कम 35 अंक लाने थे. इंटरनल मार्क्स का सहारा न मिलने के कारण करीब 15% स्टूडेंट न्यूनतम अंक भी हासिल नहीं कर पाए.
  • अन्य विषयों में भी फेल: हिंदी और अंग्रेजी के अलावा लगभग 10% स्टूडेंट मल्टीडिसिप्लिनरी, भारत बोध और वोकेशनल पेपर्स में भी फेल हो गए हैं.

बीकॉम का प्रदर्शन रहा बेहतर, कॉलेजों से मांगी रिपोर्ट

दिलचस्प बात यह है कि इसी पैटर्न और समान अनिवार्य विषयों के साथ परीक्षा देने वाले फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है. बीकॉम का पास प्रतिशत लगभग 75% दर्ज किया गया है.

परीक्षा नियंत्रक प्रो आशिष तिवारी ने बताया कि पहले आंतरिक मूल्यांकन से स्टूडेंट्स को मदद मिल जाती थी. अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा होने के कारण पढ़ाई का अंतर खुलकर सामने आ गया है. विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध कॉलेजों से पूछा है कि पूरे सत्र में हिंदी और अंग्रेजी की कितनी कक्षाएं आयोजित की गईं.

ये भी पढ़ें: CUET Counselling की पहली लिस्ट में नहीं आया नाम, फिर भी मिल सकता है एडमिशन, जानिए कैसे


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By ओम प्रकाश

ओम प्रकाश (OP) पिछले 2 वर्षों से अधिक समय से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. इन्होंने जनसंचार एवं पत्रकारिता में मास्टर्स किया है. इनकी पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रभात खबर (प्रिंट) पटना से हुई. इसके बाद इन्होंने दूरदर्शन पटना और कशिश न्यूज के साथ जुड़ कर प्रैक्टिकल हैंड्स ऑन एक्सपीरियंस हासिल किया. ये आकाशवाणी पटना के युवाओं के लिए समर्पित कार्यक्रम 'युवा वाणी' में भी कार्य कर चुके हैं. वर्तमान में OP प्रभात खबर डिजिटल के एजुकेशन बीट में कंटेंट राइटिंग का काम कर रहे हैं. इन्हें एजुकेशन और करियर से संबंधित गाइडेंस और खबरें आसान भाषा में स्टूडेंट्स तक पहुंचाना पसंद है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >