JSSC CGL Exam: झारखंड सरकार द्वारा 17 अगस्त 2026 को JSSC CGL यानी कि झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन कंबाइड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा रद्द कर दी गई है. एक धरा है जो इससे खुश है तो कुछ लोगों के चेहरे पर परेशानी. ये आलम तब है जब बीते 25 जुलाई 2026 से झारखंड में स्टूडेंट्स स्टेट लेवल की सराकरी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. ऐसे में सवाल बनता है कि आखिर वो कौन सी धरा जो इस परीक्षा के रद्द किए जाने के फैसले ने नाखुश है. आइए, यहां समझते हैं.
एक गुट में JSSC CGL भर्ती परीक्षा रद्द होने से खुशी की लहर
लंबे संघर्ष, भूख हड़ताल, मार्च के बाद प्रदर्शन पर बैठे युवा में झारखंड सरकार (Jharkhand Sarkar) के इस फैसले से खुशी की लहर है. आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का समूह JPSC और JSSC द्वारा आयोजित की जा रही परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक और धांधली के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे.
परीक्षा रद्द होने से उन्हें लगता है कि अब पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा होगी, जिससे डिजर्विंग और मेहनती छात्रों को मौका मिलेगा. लंबे समय से भूखहड़ताल पर बैठे युवाओं को इस फैसले में उनके लिए न्याय दिख रहा है.
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छात्र नेता देवेंद्र महतो ने JSSC CGL रद्द होने को लेकर क्या कहा?
छात्र नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ देवेंद्र नाथ महतो (Devendra Nath Mahato) उन्होंने सरकार के इस फैसले के बाद अपनी भूखहड़ताल खत्म की. महतो ने मीडिया इंटरव्यू में कहा कि प्रथम चरण जो धांधली है, उसके लिए तो सरकार ने परीक्षा को रद्द करके न्याय दिया है.
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लेकिन सरकार को इस पर ध्यान देना होगा कि ऐसा पेपर लीक प्रूफ सिस्टम बने, जिससे किसी भी सरकारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी न हो. सरकार गारंटी दे कि आगे कोई भी परीक्षा लीक नहीं होगी. देवेंद्र महतो JPSC JSSC प्रोटेस्ट का मुख्य चेहरा हैं.
JSSC CGL रद्द होने से कौन से लोग नाराज हैं?
इस परीक्षा के रद्द होने से जो समूह नाराज है, उनमें नौकरी पर बैठे लोग शामिल हैं. साफ शब्दों में कहें तो JSSC CGL भर्ती परीक्षा के जरिए जिन स्टूडेंट्स को नौकरी मिल चुकी है, वे लोग सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. सफल अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि कुछ लोगों ने गड़बड़ी की थी, तो सरकार को सिर्फ उनकी जांच करनी चाहिए थी. निर्दोष और चयनित उम्मीदवारों को परीक्षा रद्द करके सजा क्यों दी जा रही है?
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'न्याय दो या फांसी दो'...सड़कों पर टॉर्च लेकर उतरे युवा
JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद रांची में सफल अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल की थी, ऐसे में पूरी परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करना उनके लिए गलत फैसला साबित होगा. उन्होंने अपनी नियुक्ति बरकरार रखने की मांग की. भर्ती हुए कैंडिडेट्स ने टॉर्च लाइट जुलूस निकाला. युवाओं ने ‘न्याय दो या फांसी दो’ के नारे लगाए.
किन लोगों पर लटकी तलवार?
JSSC CGL भर्ती में अलग-अलग सरकारी पदों को भरा जाना था. इनमें Assistant Branch Officer, Junior Secretariat Assistant, Block Supply Officer और Planning Assistant जैसे पद शामिल थे. पूरी परीक्षा रद्द होने से इन सभी पद पर चुने गए कैंडिडेट्स के गले पर मानो तलवार लटक गई है.
सरकार आगे क्या स्टैंड लेगी?
ऐसे सभी कैंडिडेट्स जिनका सेलेक्शन JSSC CGL के तहत हुआ है अब उनके लिए मुश्किल की स्थिति है. अगर पूरी परीक्षा और परिणाम ही रद्द कर दिए जाते हैं, तो पुराने परिणाम के आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है. एक सवाल ये भी है कि क्या पुराने कैंडिडेट्स नई भर्ती के लिए अप्लाई कर सकेंगे. सरकार आगे इस फैसले को लागू करने के लिए इसमें कुछ जोड़-घटा कर सकती है. इस तरह की प्रक्रिया लाई जा सकती है, जिससे दोनों पक्षों को नुकसान नहीं होगा.
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