SSC CGL vs IBPS PO: सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के सामने अक्सर एक बड़ा सवाल होता है कि SSC CGL और IBPS PO में से कौन-सी परीक्षा बेहतर है. दोनों ही परीक्षाएं देश की सबसे लोकप्रिय भर्ती परीक्षाओं में गिनी जाती हैं. एक तरफ SSC CGL के जरिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नौकरी मिलती है, वहीं IBPS PO के माध्यम से सरकारी बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर बनने का मौका मिलता है.
SSC CGL और IBPS PO क्या हैं?
SSC CGL केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में ग्रुप B और ग्रुप C पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जाती है. इसके जरिए इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, GST इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर, ऑडिटर और कई अन्य पदों पर नियुक्ति होती है.
वहीं IBPS PO यानी Institute of Banking Personnel Selection Probationary Officer परीक्षा सरकारी बैंकों में अधिकारी स्तर की भर्ती के लिए आयोजित की जाती है. चयनित उम्मीदवारों को बैंकिंग सेक्टर में मैनेजमेंट और प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी जाती हैं.
परीक्षा पैटर्न में क्या अंतर है?
SSC CGL और IBPS PO दोनों ही प्रतियोगी परीक्षाएं हैं, लेकिन उनका पैटर्न अलग है. SSC CGL में सामान्य ज्ञान, गणित, रीजनिंग और अंग्रेजी पर ज्यादा फोकस रहता है. इसमें गणित और जीके की तैयारी मजबूत होने पर अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं.
दूसरी ओर IBPS PO में क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, रीजनिंग, अंग्रेजी के साथ बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाते हैं. इसके अलावा इंटरव्यू भी होता है, जो अंतिम चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
SSC CGL के जरिए आप केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों में जाते हैं. इसमें इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, एक्साइज इंस्पेक्टर या मंत्रालयों में असिस्टेंट (ASO) जैसे पद मिलते हैं. इसका काम मुख्य रूप से ऑफिस का काम (डेस्क जॉब) होता है. इसमें आपको सरकारी फाइलों और नियमों को संभालना होता है.
काम का तरीका (Job Profile)
IBPS PO के जरिए आप सरकारी बैंकों में अधिकारी (स्केल-1 ऑफिसर) बनते हैं. आपका काम बैंक की शाखा को संभालना, ग्राहकों से डील करना, लोन पास करना और बैंक का बिजनेस बढ़ाना होता है. यह एक पब्लिक डीलिंग वाली नौकरी है.
सैलरी और अन्य सुविधाएं
सैलरी के मामले में दोनों ही नौकरियां बहुत शानदार हैं. SSC CGL में शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 65,000 से 75,000 रुपये महीना होती है. इसके साथ रहने के लिए घर का भत्ता और महंगाई भत्ता मिलता है. IBPS PO की शुरुआती सैलरी भी लगभग 60,000 रुपये के आसपास होती है. लेकिन बैंकों में भत्ते बहुत ज्यादा मिलते हैं.
SSC CGL vs IBPS PO के मुख्य अंतर
| तुलना का आधार | SSC CGL (सरकारी विभाग) | IBPS PO (बैंक अधिकारी) |
| नौकरी का प्रकार | मुख्य रूप से डेस्क जॉब (फाइल और प्रशासनिक काम) | मैनेजमेंट और पब्लिक डीलिंग (ग्राहकों से जुड़ा काम) |
| काम के घंटे | निश्चित समय (सुबह 9 से शाम 5), ज्यादातर शनिवार-रविवार छुट्टी | काम का दबाव अधिक, निश्चित समय नहीं, केवल दो शनिवार छुट्टी |
| शुरुआती वेतन | लगभग ₹65,000 – ₹75,000 (इन-हैंड) | लगभग ₹60,000 (इन-हैंड) + भत्ते बहुत ज्यादा |
| प्रमोशन की रफ्तार | धीमी (अगले पद के लिए 7 से 10 साल लग सकते हैं) | बहुत तेज (आंतरिक परीक्षाओं से हर 2-3 साल में तरक्की) |
| ट्रेनिंग और ट्रांसफर | ट्रांसफर कम होते हैं, जीवन में स्थिरता ज्यादा रहती है | हर 3 साल में ट्रांसफर पक्का, देश में कहीं भी पोस्टिंग संभव |
| सामाजिक रूतबा | ‘इंस्पेक्टर’ पद के कारण समाज में रौब और सम्मान ज्यादा है | एक पढ़े-लिखे कॉर्पोरेट और फाइनेंशियल मैनेजर का सम्मान |
| भर्ती का समय | परीक्षा से जॉइनिंग तक 1 से 1.5 साल का समय लगता है | प्रक्रिया बहुत तेज, 6 से 8 महीने में जॉइनिंग मिल जाती है |
परीक्षा और जॉइनिंग
अगर आपको जल्दी नौकरी चाहिए, तो IBPS PO सबसे आगे है. बैंक की परीक्षा का टाइम टेबल बिल्कुल फिक्स होता है. फॉर्म भरने से लेकर, परीक्षा होने और फाइनल जॉइनिंग मिलने तक का पूरा काम 6 से 8 महीने के भीतर पूरा हो जाता है.
SSC CGL की परीक्षा में थोड़ा ज्यादा समय लगता है. हालांकि अब यह पहले से तेज हो गई है, फिर भी फॉर्म भरने से लेकर अंतिम जॉइनिंग तक कम से कम 1 से 1.5 साल का समय लग ही जाता है.
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