इंटरव्यू के अंत में No Sir बोलना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट ने बताए 5 जरूरी सवाल

Job Interview: इंफ्लूयंसर ने बताया कि जॉब इंटरव्यू के लास्ट में रिक्रूटर्स और कंपनी से ये सवाल जरूर पूछिए कि क्या आपकी टीम इस वक्त कोई चैलेंज से डील कर रही है.

Job Interview: हर जॉब इंटरव्यू के बाद अक्सर ये सवाल पूछा जाता है कि Do you have questions for us? मतलब कि आपके पास हमारे लिए कोई सवाल है? ज्यादातर कैंडिडेट्स इसके जवाब में कह देते हैं नहीं. लेकिन प्रोफेशनल्स मानते हैं कि यह बहुत गलत तरीका है. पुणे के एक टेक प्रोफेशनल और सोशल मीडिया क्रिएटर रोहित मानते हैं कि यह बहुत गलत तरीका है.

रोहित ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि इंटरव्यू के अंत में जब आपसे पूछा जाए कि क्या आपके पास हमारे लिए कोई सवाल है तो इसका जवाब न में नहीं दें. इस सवाल से आपका कंपनी के प्रति इंटरेस्ट दिखता है और साथ ही आपके प्रोफेशनल सोच का पता चलता है. ऐसे में उन्होंने कुछ जरूरी सवाल बताए जो हर कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लास्ट में पूछना चाहिए.

इन सवालों को पूछने से बनेगा इंप्रेशन

अगर आप भी किसी जॉब इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं तो सोशल मीडिया क्रिएटर द्वारा शेयर किए गए ये सवाल पूछ सकते हैं-

इस रोल में 6 महीने के बाद सक्सेस को आप कैसे देखते हैं?

रोहित ने कहा कि आप इंटरव्यू खत्म होने के बाद रिक्रूटर्स से ये सवाल पूछ सकते हैं कि What does Success in this role look like after 6 months यानी कि इस रोल में 6 महीने के बाद सक्सेस को आप कैसे देखते हैं. इस सवाल को पूछने से आप प्रोफेशनल लगेंगे. इससे लगेगा कि आपको अपनी जिम्मेदारियों का एहसास है. साथ ही आप आगे की प्लानिंग को ध्यान में रखकर चल रहे हैं.

कोई एक चैलेंज जो अभी आपकी टीम फेस कर रही है?

अगल जरूरी सवाल ये है कि क्या आपकी टीम इस वक्त कोई चैलेंज से डील कर रही है. इस सवाल को पूछने से लगता है कि आप कंपनी में इंटरेस्ट ले रहे हैं और संस्था के स्ट्रक्चर, जरूरत और चैलेंज को समझने की कोशिश कर रहे हैं.

इस टीम में परफॉर्मेंस कैसे देखते हैं?

रोहित ने सजेशन दिया कि आप ये जरूरत पूछें कि टीम की परफॉर्मेंस का कैसे पता लगाया जाता है. इससे यह मैसेज मिलता है कि कैंडिडेट अपनी और कंपनी की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है.

अगले साल इस रोल से आप किस तरह के बदलाव की उम्मीद करते हैं?

टेक इंफ्लूयंसर ने आगे कहा कि अगर आप ये पूछते हैं कि आने वाले समय में आप इस रोल से किस तरह के बदलाव की उम्मीद करते हैं तो इससे कंपनी और रिक्रूटर्स को लगता है कि आप उनके साथ लॉन्ग टर्म जुड़ कर काम करना चाहते हैं न कि सिर्फ Gen Z की तरह Lily Padding करने में विश्वास रखते हैं. लिली पैडिंग एक ऐसी स्ट्रैटजी है कि जिसके तहत युवा जल्दी-जल्दी नौकरी, इंडस्ट्री और जॉब रोल चेंज करते हैं.

इस कंपनी की कौन सी वो बात है जो आपको इतने समय से काम करते हुए अच्छा लगता है?

इस सवाल से ऐसा लगता है कि आप काम से इतर कंपनी के साथ इमोशनल रूप से भी जूुड़ने के लिए तैयार हैं. आप वहां के वर्क कल्चर के बारे में जानना चाहते हैं. साथ ही इससे कैंडिडेट्स को कंपनी में काम करने का अनुभव कैसा रहेगा, इसे समझने में मदद मिलती है.

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने बताया क्यों जरूरी है ये सवाल

रोहित ने कहा कि याद रखें कि इंटरव्यू एकतरफा प्रोसेस नहीं है. इसमें दो पार्टी शामिल होती हैं तो दोनों के सवाल जवाब जरूरी होते हैं. कंपनी को उम्मीदवार को नौकरी पर रखना है तो उसके बारे में सारी चीजें समझनी होती है जैसे कि उसका इंटरेस्ट लेवल, स्किल्स, स्ट्रेंथ . वहीं, उम्मीदवार को भी कंपनी के साथ जुड़कर काम करना होता है तो उसके लिए भी ये जानना कि वर्कप्लेस कैसा है, ये जरूरी है.

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Published by: Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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