IIIT Ranchi Outreach Programme on NEP 2020: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रांची ने अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 के तहत एक विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया. यह कार्यक्रम राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, रांची के सहयोग से हुआ.
कार्यक्रम का विषय "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 - शिक्षा से विकसित भारत@2047" था. इसका उद्देश्य नई शिक्षा नीति को लेकर जागरूकता बढ़ाना था. साथ ही शिक्षा के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य पर सार्थक चर्चा करना था.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा
IIIT रांची के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित हुआ. इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. वक्ताओं ने शिक्षा में नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
इस दौरान IIIT रांची के संकाय सदस्य डॉ गौरव सुंदरम, डॉ राजेश द्विवेदी, डॉ अंकिता कुमारी, डॉ नूपुर और डॉ एन किशोर बाबू ने अपने विचार साझा किए. उन्होंने बहुविषयक शिक्षा को समय की जरूरत बताया. साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला. वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी.
शिक्षकों और विद्यार्थियों से किया नवाचार अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रिपल आईटी रांची के निदेशक प्रो राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 समावेशी और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था की मजबूत आधारशिला है. यह नीति विद्यार्थियों को नई सोच और बेहतर अवसर प्रदान करती है. उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से नवाचार को अपनाने की अपील की. साथ ही सहयोग और सतत अधिगम के माध्यम से विकसित भारत 2047 के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया.
शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही उत्साहपूर्ण भागीदारी
कार्यक्रम में शिक्षकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और अन्य विद्वानों ने उत्साह के साथ भाग लिया. सभी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों पर अपने विचार रखे. कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए. प्रतिभागियों ने शिक्षा को देश के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बताया. नई शिक्षा नीति को समझने और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में साझा प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए यह कार्यक्रम ने एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया.
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