IB VS CBSE: ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) से लेकर री-इवैल्युएशन तक, कई टेक्निकल गड़बड़ी के कारण CBSE इस वक्त चर्चा में है. इस बीच कई बार IB यानी कि इंटरनेशनल बोर्ड की बात की जा रही है. माता पिता इसे CBSE के विकल्प के रूप में देख रहे हैं.
ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM), री- इवैल्युएशन और रिजल्ट से जुड़ी टेक्निकल गड़बड़ियों को लेकर इन दिनों CBSE चर्चा में है. ऐसे में कई माता पिता और जानकार IB यानी कि इंटरनेशनल बोर्ड जैसे ऑप्शन की चर्चा कर रहे हैं. ग्लोबल लेवल पर IB को मान्यता प्राप्त है. यह बोर्ड ने रटने की बजाय समझने और रिसर्च के लिए जाना जाता है. ऐसे में आइए समझते हैं कि दोनों बोर्ड में क्या अंतर है और कौन-सा बेहतर है.
IB बोर्ड क्या है?
इंटरनेशनल बोर्ड में मुख्य रूप से International Baccalaureate (IB) और Cambridge Assessment International Education (IGCSE) जैसे बोर्ड शामिल हैं. ये बोर्ड दुनिया भर में मान्यता प्राप्त हैं और ट्रेडिशनल रटने वाली पढ़ाई के बजाय समझ, रिसर्च, क्रिएटिविटी और छात्रों के ओवरऑल डेवलेपमेंट पर जोर देता है.
प्रैक्टिल नॉलेज पर दिया जाता है जोर
इन बोर्डों में छात्रों को प्रोजेक्ट, प्रेजेंटेशन, रिसर्च और प्रैक्टिकल एक्टिविटी के माध्यम से सीखने के लिए मोटिवेट किया जाता है. साथ ही, क्रिटिकल थिंकिंग और किसी भी रीयल लाइफ बेस्ड प्रॉब्लम का सॉल्यूशन सोचने के लिए सिखाया जाता है.
फीस काफी ज्यादा पर मिलते हैं बहुत सारे अवसर
IB बोर्ड को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है. ऐसे में स्टूडेंट्स को इंटरनेशनल एजुकेशन सिस्टम (International Education System) के लिए तैयार होने का मौका मिलता है. हालांकि, इन बोर्ड की फीस काफी ज्यादा होती है. अगर किसी स्टूडेंट का लक्ष्य विदेश की फेमस यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना है, तो इंटरनेशनल बोर्ड एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है.
NEET और JEE परीक्षा से नहीं मिलता है पैटर्न
आमतौर पर CBSE बोर्ड का पूरा-पूरा सिलेबस या पैटर्न तो JEE या NEET परीक्षा से नहीं मिलता है. लेकिन दोनों के बेस में एक जैसे टॉपिक होते हैं. ऐसे में CBSE बोर्ड में पढ़ाई करते हुए स्टूडेंट्स आसानी से जेईई या नीट जैसी परीक्षा की तैयारी कर लेते हैं. लेकिन इंटरनेशनल बोर्ड के साथ ऐसा नहीं है. इस बोर्ड का पैटर्न बहुत अलग है. ऐसे में इस तरह की परीक्षा के लिए अलग से तैयारी करनी पड़ती है.
CBSE Board: जानें सीबीएसई बोर्ड के बारे में
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) भारत का सबसे लोकप्रिय स्कूल बोर्ड में से एक है. इसका सिलेबस NCERT पर आधारित होता है और पूरे देश में लगभग एक समान पढ़ाया जाता है. यही वजह है कि JEE, NEET, CUET और अन्य सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए CBSE को सबसे सही बोर्ड माना जाता है. हर साल सीबीएसई बोर्ड में 15-17 लाख के करीब स्टूडेंट्स शामिल होते हैं और परीक्षा देते हैं.
CBSE बोर्ड की फीस कम है
CBSE बोर्ड में फीस IB की तुलना में कम है. साथ ही यहां प्रैक्टिल नॉलेज और टेस्ट का वेटेज लिखित की तुलना में कम है. छात्रों की लिखने की आदत विकसित होती है. CBSE बोर्ड सिलेबस फोक्सड परीक्षा आयोजित करता है. हालांकि, NEP 2020 के बाद से इस बोर्ड में भी कई सुधार हुए हैं. प्रैक्टिल लर्निंग और स्किल बेस्ड लर्निंग को प्राथमिकता दी जा रही है.
CBSE VS IB: दोनों बोर्ड में से कौन सा है बेस्ट?
बोर्ड चुनने से पहले सिर्फ ट्रेंड नहीं, बल्कि फ्यूचर प्लान को देखना चाहिए. अगर स्टूडेंट का सपना विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई करने का है, तो इंटरनेशनल बोर्ड अच्छा ऑप्शन हो सकता है, क्योंकि इसका फोकस प्रैक्टिकल लर्निंग, रिसर्च और ग्लोबल एक्सपोजर पर होता है. वहीं, अगर लक्ष्य JEE, NEET, UPSC या भारत की अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं हैं, तो CBSE का सिलेबस ज्यादा मददगार साबित हो सकता है.
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