How to Prepare English for Interview: नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाना हो तो सबसे बड़ा डर होता है, इंग्लिश न बोल पाने का. कई कैंडिडेट्स के पास नॉलेज तो भरपूर होती है, लेकिन भाषा का ज्ञान नहीं होता है. सही स्किल्स और सही जवाब होते हैं, लेकिन जैसे ही इंग्लिश बोलने की बात आती है लोगों का अपना आत्मविश्वास डगमगा जाता है.
इंटरव्यू में रिक्रूटर्स क्या चाहते हैं?
इंटरव्यू में रिक्रूटर्स ये नहीं चाहते हैं कि आपकी इंग्लिश परफेक्ट हो. वो बस आपका कॉन्फिडेंस चेक करते हैं. साथ ही बात करने का तरीका और बेसिक कम्युनिकेशन स्किल देखते हैं.
इंटरव्यू में शानदार इंग्लिश बोलने के लिए ये टिप्स जरूरी है
मुश्किल शब्द नहीं, साफ बात जरूरी
अच्छा इंप्रेशन बनाने के लिए आपको टफ शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. कई बार अचानक से मुश्किल शब्द बोलने की कोशिश में आप ज्यादा नर्वस दिखते हैं. आप भले ही छोटे वाक्य और आसान शब्द बोलें, बस बिना ब्रेक लिए बोलें.
इंटरव्यू के आम सवालों की तैयारी करें
इंटरव्यू में कुछ सवाल बहुत कॉमन होते हैं जैसे कि Tell me about yourself, Why should we hire you? और What are your strengths? इन सवालों के जवाब पहले से ही लिखकर प्रैक्टिस करें.
आप अपने जवाबों को छोटे हिस्सों में भी बांट सकते हैं, जैसे कि
- परिचय
- पढ़ाई
- स्किल्स
- लक्ष्य
इससे जवाब याद रखना और बिना अटके बोलना आसान हो जाता है. जितनी ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे, उतना ही नेचुरल महसूस होगा.
हिंदी से अंग्रेजी में सोचकर बोलने की आदत छोड़ें
कई लोगों की सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि वे पहले दिमाग में हिंदी में सोचते हैं, फिर उसे इंग्लिश में ट्रांसलेट करके बोलते हैं. इससे बोलने की गति धीमी हो जाती है और बीच में आत्मविश्वास टूटने लगता है. कोशिश करें कि सीधे इंग्लिश में सोचना शुरू करें, चाहे छोटे और आसान वाक्य ही क्यों न हों.
देखकर सीखें
इंटरव्यू के लिए इंग्लिश सुधारने का एक आसान तरीका है दूसरों को सुनना और देखना. मॉक इंटरव्यू, YouTube वीडियो या इंग्लिश न्यूज देखें. ध्यान दें कि लोग अपने जवाब कैसे देते हैं, कहां रुकते हैं और कैसे साफ तरीके से बोलते हैं. एक अच्छा तरीका यह है कि वीडियो रोककर उन्हीं लाइनों को जोर से दोहराएं. इससे उच्चारण, बोलने का तरीका और आत्मविश्वास बेहतर होता है.
प्रैक्टिस ही सबसे जरूरी है
सिर्फ पढ़ने और लिखने से बोलने की समस्या दूर नहीं होगी. बोलने की प्रैक्टिस करनी ही पड़ेगी. हर दिन 10-15 मिनट जोर से इंग्लिश बोलने की आदत डालें. आप अपने दिन के बारे में बात कर सकते हैं, किसी विषय को समझा सकते हैं या इंटरव्यू के जवाबों की प्रैक्टिस कर सकते हैं.
खुद की आवाज रिकॉर्ड करके भी आप प्रैक्टिस कर सकते हैं. रिकॉर्डिंग सुनकर आपको पता चलेगा कि कहां रुक रहे हैं, कौन-से शब्द बार-बार बोल रहे हैं और कहां आत्मविश्वास कम हो रहा है.
इसके अलावा दोस्तों से इंग्लिश में बात करें, ग्रुप डिस्कशन में हिस्सा लें या शीशे के सामने बोलने की प्रैक्टिस करें. Apps मदद कर सकते हैं, लेकिन असली बातचीत की जगह नहीं ले सकते.
गलती करना सामान्य है
अगर बोलते समय गलती हो जाए, बीच में रुक जाएं या आसान शब्द इस्तेमाल करें, तो यह बिल्कुल ठीक है. सबसे जरूरी बात यह है कि इंटरव्यू लेने वाला आपकी बात समझ पाए. इंग्लिश बोलना का मतलब ये नहीं कि आप गलती न करें बल्कि उसमें सहज हो सकें.
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