झारखंड के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी, अकिल अखाड़ा से लेकर 19 सूत्री कार्यक्रम तक

Dishom Guru Shibu Soren Biography: झारखंड सरकार ने फैसला किया है कि कक्षा 1 से 12 तक के स्कूली पाठ्यक्रम में शिबू सोरेन की जीवनी शामिल की जाएगी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर सचिव उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में बैठक की. 31 अगस्त तक ड्राफ्ट फाइनल होगा और अगले सत्र से नई किताबों में उनके जीवन, संघर्ष और योगदान पर अध्याय जोड़े जाएंगे.

Dishom Guru Shibu Soren Biography: झारखंड सरकार ने राज्य के स्कूली पाठ्यक्रम में एक बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी (Dishom Guru Shibu Soren Biography) को कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की किताबों में शामिल किया जाएगा. विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई और यह तय किया गया कि 31 अगस्त तक पाठ्य सामग्री का ड्राफ्ट फाइनल कर लिया जाएगा. इसके बाद अगले सत्र से नई किताबों में इसे जोड़ा जाएगा.

Dishom Guru Shibu Soren Biography: किस क्लास में क्या होगा?

निर्णय के अनुसार, शिबू सोरेन की जीवनी और उनके योगदान को कक्षाओं के अनुसार अलग-अलग विषयों और प्रारूपों में शामिल किया जाएगा. कक्षा 1 और 2 में बच्चों को चित्रकथा के माध्यम से उनका जीवन परिचय और संकल्प बताया जाएगा. कक्षा 4 की किताबों में कविता और कहानी के जरिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके प्रयासों को दर्शाया जाएगा. कक्षा 6 में सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत गुरुजी के नशा विरोधी अभियान और स्थानीय स्वशासन के विचार पढ़ाए जाएंगे.

कक्षा 7 के विद्यार्थियों को शिबू सोरेन द्वारा शुरू किए गए अकिल अखाड़ा यानी रात्रि पाठशाला की जानकारी दी जाएगी. कक्षा 8 की हिंदी और सामाजिक विज्ञान की किताबों में उनके जीवन के मानवीय पहलुओं और चलाए गए आंदोलनों का वर्णन होगा. वहीं, कक्षा 9 में उनकी जीवनी को हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू विषयों में शामिल किया जाएगा. इससे विद्यार्थियों को उनके संघर्ष और समाज सुधार के प्रयासों के बारे में गहराई से जानने का अवसर मिलेगा.

19 सूत्री कार्यक्रम को शामिल

कक्षा 11 की भाषा संबंधी किताबों में शिबू सोरेन के 19 सूत्री कार्यक्रम को शामिल किया जाएगा. इसे हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में पढ़ाया जाएगा. इस अध्याय के जरिए विद्यार्थियों को यह समझने का मौका मिलेगा कि गुरुजी ने समाज सुधार और आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए किस तरह योजनाएं बनाईं. साथ ही कक्षा 12 तक अलग-अलग विषयों में उनके जीवन संघर्ष, राजनीतिक यात्रा और समाज के लिए किए गए कार्यों को अध्याय के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा.

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Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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