गर्व से फूला CO पिता का सीना, अनुकृति UPSC फतेह कर बनीं कलेक्टर

Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक करने वाले कैंडिडेट्स एक उदाहरण की तरह याद किए जाते हैं. UPSC Exam की तैयारी करने वाले छात्रों को अनुकृति तोमर की कहानी जरूर पढ़नी चाहिए. अनुकृति ने कई असफलताओं के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और UPSC क्रैक कर इतिहास रच दिया है.

Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2023 की रिजर्व लिस्ट में देश को 120 नए अफसर मिले हैं. इन नामों में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा की रहने वाली अनुकृति तोमर भी शामिल हैं. अनुकृति ने 56वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी मुकाम पाया जा सकता है. उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया है.

पिता UP Police में CO

अनुकृति के पिता संजीव कुमार तोमर उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (CO) के पद पर कार्यरत हैं. बेटी की सफलता से उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है. उन्होंने बताया कि यह पल उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है. अनुकृति की सफलता की खबर मिलते ही परिवार और मोहल्ले में खुशी की लहर दौड़ गई. घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है.

Success Story of Anukriti Tomar: शुरू से पढ़ाई में अव्वल

अनुकृति तोमर की शुरुआती पढ़ाई खुर्जा के राजीव इंटरनेशनल स्कूल से हुई थी. पढ़ाई में वह हमेशा अव्वल रही हैं. इसके बाद उन्होंने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) से मास्टर्स की डिग्री ली. वे बचपन से ही अनुशासित और मेहनती छात्रा रही हैं. उनकी इसी लगन ने उन्हें देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता दिलाई.

BA LLB की डिग्री

मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनुकृति ने पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से BA LLB की डिग्री प्राप्त की. साल 2016 से 2021 तक उन्होंने कानून की पढ़ाई की और इसी दौरान सिविल सेवा की तैयारी भी करती रहीं. अपने लक्ष्य को लेकर वो पूरी तरह समर्पित रहीं और बिना कोचिंग के कड़ी मेहनत से तैयारी करती रहीं.

अनुकृति तोमर की यह सफलता (Success Story) उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. उन्होंने दिखा दिया कि अगर इरादा पक्का हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती. अनुकृति का चयन IRMS सर्विस में हुआ है.

यह भी पढ़ें: बैकबेंचर बिहारी का गजब रिकॉर्ड, दो बार UPSC पास, अनुराग को मिली IAS टॉपर दुल्हनिया

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >