Boycott Turkey: तुर्की को एक और झटका, MANUU ने यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट से MOU किया रद्द

Boycott Turkey: मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय ने यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट, तुर्की के साथ अपने शैक्षणिक समझौता ज्ञापन (MOU) को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की घोषणा की है. यह फैसला तुर्किये का पाकिस्तान को समर्थन करने और वहां के आतंकवादी ठिकानों पर भारत के हाल के हमलों की आलोचना के बाद आया है. भारत में तुर्की का लगातार विरोध हो रहा है.

Boycott Turkey: मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) ने तुर्की के यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट के साथ अपने अकादमिक समझौता ज्ञापन (MOU) को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की घोषणा की है1 यह निर्णय भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों के लिए तुर्की के समर्थन के विरोध में लिया गया है.

MANUU ने तुर्की के यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट के साथ 5 साल के MOU किया था

2 जनवरी 2024 को MANUU ने तुर्की के यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट के साथ 5 साल की अवधि के लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत MANUU के स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज, लिंग्विस्टिक्स एंड इंडोलॉजी में तुर्की भाषा में डिप्लोमा शुरू किया गया था. इसके लिए एक विजिटिंग प्रोफेसर की सेवाएं ली गई थीं. यह भी उल्लेखनीय है कि तुर्की से आए विजिटिंग प्रोफेसर पहले ही अपने देश लौट चुके हैं.

सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया की सुरक्षा मंजूरी रद्द

नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने गुरुवार को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में’ तुर्किये की जमीनी रखरखाव से जुड़ी कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लि. की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी. तुर्किये स्थित सेलेबी की इकाई सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया, नौ हवाई अड्डों – मुंबई, दिल्ली, कोचीन, कन्नूर, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा (जीओएक्स), अहमदाबाद और चेन्नई में सेवाएं प्रदान करती है.

तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पाकिस्तान का दिया साथ

तुर्की और अजरबैजान ने पाकिस्तान का समर्थन किया और ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर भारत के हाल के हमलों की आलोचना की. पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर तुर्की के ड्रोन का भी इस्तेमाल किया.

भारत में बॉयकॉट तुर्की की आवाज हो रही बुलंद

तुर्की के पाकिस्तान के पक्ष में रुख को देखते हुए भारत में विरोध तेजी से बढ़ता जा रहा है. तुर्की के सामान का बहिष्कार किया जा रहा है. साथ ही पर्यटन का भी बहिष्कार किया जा रहा है. ट्रैवल एजेंसियों ने तुर्की के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और लोगों को तुर्की की यात्रा न करने के लिए सलाह जारी की है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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