JoSAA Counselling 2026: आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), आईआईआईटी (IIIT) और जीएफटीआई (GFTI) में एडमिशन के लिए JoSAA काउंसलिंग की प्रक्रिया 1 जून से शुरू हो चुकी है. जोसा काउंसलिंग में एक भी गलती स्टूडेंट का एक साल बर्बाद कर सकती है. ऐसे में इससे जुड़े सभी नियम को अच्छी तरह जान लें. क्या आप जानते हैं कि सीट छोड़ने (Withdrawal) से क्या होता है. अगर कोई उम्मीदवार आवंटित सीट छोड़ता है तो इसका सीधा असर उसकी काउंसलिंग प्रक्रिया और फीस पर पड़ सकता है.
सीट छोड़ने पर क्या होता है असर?
JoSAA नियमों के अनुसार, यदि कोई छात्र सीट छोड़ता है या सीट रद्द होती है, तो वो छात्र पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर हो सकता है. इसके साथ ही Seat Acceptance Fee (SAF) भी प्रभावित होती है.
फीस रिफंड का नियम
जोसा काउंसलिंग में सीट छोड़ने पर फीस रिफंड का नियम कहता है कि अगर उम्मीदवार आधिकारिक विड्रॉल (Seat Withdrawal) विंडो के तहत सीट छोड़ता है, केवल प्रोसेसिंग फीस काटी जाती है कि जोकि लगभग 1,500 से 7,000 रुपये तक है. बाकी बची हुई फीस वापस कर दी जाती है. लेकिन अगर आपने फाइनल राउंड के बाद सीट छोड़ी है तो आपका पैसे वापस नहीं किए जाते हैं.
कब तक सीट छोड़ सकते हैं?
सीट छोड़ने का नियम विभिन्न संस्थान के लिए अलग-अलग है. अगर आप IIT के लिए लिए अप्लाई कर रहे हैं तो 5वें राउंड तक सीट छोड़ी जा सकती है. NIT, IIIT और GFTI जैसे संस्थानों के लिए 6वें राउंड तक सीट विड्रॉल (Seat Withdrawal) की सुविधा मिलती है.
सीट छोड़ने के बाद क्या होगा?
एक बार आधिकारिक तरीके से सीट छोड़ने के बाद:
- उम्मीदवार JoSAA के आगे के राउंड में शामिल नहीं हो सकता
- हालांकि वह CSAB स्पेशल राउंड के लिए पात्र हो सकता है
- बिना प्रक्रिया के सीट छोड़ने पर नुकसान
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