JNU Admission 2026: जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने 2026-27 सेशन के लिए अपना नया प्रोस्पेक्टस जारी कर दिया है, जिसमें एडमिशन प्रोसेस को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं. अब यूनिवर्सिटी में अलग-अलग कोर्स में एडमिशन के लिए अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम लागू किए गए हैं.
नए नियमों के मुताबिक, JNU के कई अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्स जैसे फॉरेन लैंग्वेज और आयुर्वेद बायोलॉजी में BSc प्रोग्राम में अब एडमिशन CUET UG के जरिए होगा. इसके साथ ही, यूनिवर्सिटी के कुछ सर्टिफिकेट कोर्स में भी CUET UG स्कोर को मान्य किया गया है.
- UG कोर्स: CUET UG जरूरी
- BTech: JEE Main से एडमिशन
- PG/टेक्निकल: CUET PG, GAT-B या CCMT
बीटेक कोर्स में JEE Main से एडमिशन
इंजीनियरिंग में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी नियम साफ कर दिए गए हैं. JNU के BTech कोर्स में अब एडमिशन JEE Main स्कोर के आधार पर ही मिलेगा. यानी इंजीनियरिंग के इच्छुक कैंडिडेट्स को पहले JEE Main क्वालिफाई करना होगा.
पीजी कोर्स के लिए CUET PG की जरूरत होगी
वहीं पोस्टग्रेजुएट (PG) और टेक्निकल कोर्स में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स को CUET PG स्कोर की जरूरत होगी. इसके अलावा कुछ खास कोर्स के लिए GAT-B और CCMT काउंसलिंग के जरिए भी एडमिशन मिलेगा.
सही कोर्स चुनें स्टूडेंट्स
यूनिवर्सिटी के इस नए सिस्टम का मकसद एडमिशन प्रोसेस को ज्यादा ट्रांसपेरेंट और यूनिफॉर्म बनाना है, ताकि देशभर के स्टूडेंट्स को एक समान मौका मिल सके. अब स्टूडेंट्स को अपने कोर्स के अनुसार सही एग्जाम चुनना और उसकी तैयारी करना जरूरी होगा.
JNUमें अब एडमिशन पूरी तरह CUET UG के जरिए होगा. स्टूडेंट्स को पहले CUET UG परीक्षा देनी होगी और उसी के स्कोर के आधार पर एडमिशन मिलेगा. परीक्षा के बाद रिजल्ट जारी होने पर कैंडिडेट्स को JNU की ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल पर अलग से रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद यूनिवर्सिटी CUET स्कोर के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी करेगी और उसी के अनुसार सीट अलॉटमेंट होगा.
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