Jharkhand Colleges: राज्य के 9 विश्वविद्यालयों में नामांकन की रफ्तार धीमी, हजारों सीटें खाली

Jharkhand Colleges: झारखंड के सरकारी यूनिवर्सिटी और कॉलेज में छात्रों के नामांकन की संख्या घटी है. जानकार का कहना है कि स्थाई शिक्षकों की कमी और सीयूईटी स्कोर की प्राथमिकता के कारण छात्रों की संख्या घटी है. ऐसे में कॉलेज की खाली सीटें चिंता का कारण बन गई है. राज्य के अधिकांश विश्वविद्यालयों में स्नातक सेमेस्टर-1 की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन नामांकन प्रक्रिया अब अक्टूबर 2025 तक चलने की संभावना जताई जा रही है.

Jharkhand Colleges: झारखंड के नौ सरकारी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक स्तर (UG Courses) में नामांकन की स्थिति संतोषजनक नहीं दिख रही है. आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 3,96,225 छात्रों ने नामांकन के लिए आवेदन किया है, लेकिन केवल 1,75,259 छात्रों ने ही दाखिला लिया है. यानी करीब 2,20,966 छात्र अभी भी नामांकन प्रक्रिया से बाहर हैं, जबकि उन्होंने आवेदन और शुल्क दोनों जमा किए हैं.

Jharkhand Colleges: खाली सीटों को लेकर चिंता 

कुल 3,23,392 छात्रों ने आवेदन शुल्क जमा कर दिया है, लेकिन दाखिला न लेने वालों की संख्या अभी भी बहुत अधिक है. राज्य के विश्वविद्यालयों के यूजी कोर्सेज में नामांकन की संख्या घटने के कारण खाली सीटों को लेकर चिंता बढ़ रही है. 

Ranchi University: रांची विश्वविद्यालय की स्थिति

राज्य के सबसे पुराने और बड़े रांची विश्वविद्यालय (Ranchi University) में इस साल स्नातक नामांकन को लेकर खासतौर पर निराशाजनक स्थिति है. यहां अब तक 1,01,460 छात्रों ने आवेदन किया, लेकिन नामांकन केवल 37,327 छात्रों ने ही लिया है. जबकि 70,963 छात्रों ने आवेदन शुल्क तो जमा कर दिया, पर दाखिला लेने आगे नहीं बढ़े.

CUET Score in Jharkhand Colleges: सीयूईटी स्कोर की प्राथमिकता

इस बार राज्य के कई विश्वविद्यालयों ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) स्कोर को अनिवार्य नहीं किया था, लेकिन दाखिले में इसे प्राथमिकता देने की बात कही गई थी. इसके बावजूद, नामांकन की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी रही है.

UGC Rules: यूजीसी का नियम

UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नियमानुसार नए सत्र की कक्षाएं 1 अगस्त से शुरू हो जानी चाहिए थीं. ऐसे में दाखिला प्रक्रिया में हो रही देरी से विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों दोनों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

Jharkhand Colleges: कक्षा शुरू हो चुकी हैं 

राज्य के अधिकांश विश्वविद्यालयों में स्नातक सेमेस्टर-1 की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन नामांकन प्रक्रिया अब अक्टूबर 2025 तक चलने की संभावना जताई जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह विश्वविद्यालयों का अनियमित शैक्षणिक सत्र है. फिलहाल राज्य के अधिकांश विश्वविद्यालयों में सत्र 7 से 10 महीने की देरी से चल रहा है.

Jharkhand Colleges: स्थायी शिक्षकों की कमी 

राज्य के विश्वविद्यालयों की बड़ी समस्या है शिक्षकों की कमी. सभी विश्वविद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है. इस समय 2404 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है. विशेषज्ञ मानते हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समय पर सत्र संचालन के लिए पर्याप्त शिक्षक होना बेहद जरूरी है.

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