Yes Bank: राणा कपूर के घर देर रात ED का छापा, लुक आउट नोटिस जारी, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी, ED) ने बीती रात येस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के मुंबई स्थित आवास पर छापा मारा. कपूर तथा अन्य के खिलाफ धनशोधन के मामले की जांच चल रही है और छापे की कार्रवाई इसी सिलसिले में की गयी.

मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी, ED) ने बीती रात येस बैंक के संस्थापक राणा कपूर के मुंबई स्थित आवास पर छापा मारा. कपूर तथा अन्य के खिलाफ धनशोधन के मामले की जांच चल रही है और छापे की कार्रवाई इसी सिलसिले में की गयी. अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी उनके समुद्र महल आवास पर की गयी. यह कार्रवाई धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत की गयी है तथा इसका उद्देश्य और सबूत जुटाना है.

अधिकारियों ने बताया कि ईडी की टीम ने कपूर से उनके घर पर पूछताछ भी की. एजेंसी एक कॉर्पोरेट कंपनी को कर्ज देने में राणा की भूमिका की जांच कर रही है. आरोप है कि कर्ज के बदले में कपूर की पत्नी के खातों में कथित तौर पर रिश्वत की रकम भेजी गयी थी. एजेंसी अन्य कथित अनियमितताओं की भी जांच कर रही है. राणा कपूर के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ है. वहीं तलाशी के लिए गयी टीम ने इस दौरान उनके बयान भी दर्ज किये गये.

जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने धनशोधन मामले (पीएमएलए) के तहत राणा कपूर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

एसबीआइ 49 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने को इच्छुक

एसबीआइ ने येस बैंक में निवेश करने और उसकी री-स्ट्रक्टरिंग में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की है. एसबीआइ करीब 2450 करोड़ रुपये तक 49 फीसदी हिस्सेदारी के लिए निवेश कर सकता है. गौरतलब है कि आरबीआइ ने यस बैंक को संकट से निकालने के लिए पुनर्गठन योजना पेश की है. उसने ड्राफ्ट स्कीम में बैंक के शेयर होल्डर, जमाकर्ता और निवेशक, सभी की नौ मार्च तक सलाह मांगी गयी है. इसके तुरंत बाद आरबीआइ किसी फैसले पर पहुंचेगा.

बैंक का शेयर 56% टूटा

शुक्रवार येस बैंक का शेयर 56% टूट गया. बैंक का शेयर 25% गिर कर खुला और दिन में कारोबार के दौरान एक समय 85% तक गिर कर 5.55 रुपये प्रति शेयर तक नीचे आ गया था. बीएसइ पर बैंक का शेयर 56.04% गिर कर 16.20 रुपये पर बंद हुआ.

वायदा कारोबार में यस बैंक पर लगा प्रतिबंध

उधर, बीएसइ और एनएसइ ने येस बैंक को 29 मई से वायदा और विकल्प खंड से हटा देने का फैसला लिया है. मौजूदा वायदा और विकल्प सौदे 28 मई को पूरे हो जायेंगे.

बैंक कर्मचारियों की नौकरी एक साल तक सुरक्षित : वित्त मंत्री ने कहा, येस बैंक के कर्मचारियों की नौकरी, वेतन एक साल तक सुरक्षित हैं.

आरोप-प्रत्यारोप

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि इससे वित्तीय संस्थानों को नियंत्रित और विनियमित करने की भाजपा सरकार की क्षमता उजागर होती जा रही है. वहीं वित्त मंत्री ने कहा, यूपीए सरकार के वक्त बैंक ने अनिल अंबानी समूह, एस्सेल, आइएलएफएस, वोडाफोन, डीएचएफएल, जैसी कंपनियों को लोन दिया था, जिससे यह हालत हुई.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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