Vodafone-Idea Shares: वोडाफोन-आइडिया को मिला बड़ा झटका, याचिका खारिज होने के बाद शेयरों में आई गिरावट

Vodafone-Idea Shares: सुप्रीम कोर्ट द्वारा एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया पर राहत याचिका खारिज किए जाने के बाद वोडाफोन-आइडिया (Vi) के शेयरों में सोमवार को लगभग 9% की गिरावट दर्ज की गई है. इसकी वजह से वोडाफोन-आइडिया की बाजार पूंजीकरण में कमजोरी देखने को मिली है.

Vodafone-Idea Shares: सुप्रीम कोर्ट की ओर से एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया पर राहत याचिका खारिज किए जाने के बाद वोडाफोन-आइडिया (Vi) के शेयरों में सोमवार को लगभग 9% की गिरावट दर्ज की गई है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर वोडाफोन आइडिया के शेयर 8.68% की गिरावट के साथ 6.73 रुपये पर बंद हुए, जबकि दिन के दौरान यह 6.47 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गए, जो 12.21% की गिरावट है.  

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज द्वारा दायर याचिकाओं को “भ्रामक” बताते हुए खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने AGR बकाया पर इंटरेस्ट और जुर्माने की माफी की मांग की थी. 

वोडाफोन आइडिया की वित्तीय स्थिति

वोडाफोन आइडिया पर सितंबर 2024 तक लगभग 25 डॉलर बिलियन (2.08 लाख करोड़ रुपये) का कर्ज था. कंपनी ने सरकार से 30,000 करोड़ रुपये  के इंटरेस्ट और जुर्माने की माफी की मांग की थी, जिसे 29 अप्रैल को दूरसंचार विभाग (DoT) ने अस्वीकार कर दिया.  कंपनी का कहना है कि उसका ऐन्यूअल ऑपरेशनल कैश जनरेशन 9,200 करोड़ रुपये है जो कि सालाना एजीआर किस्त 18,000 करोड़ रुपये से काफी कम है. 

कंपनी के अनुसार, यदि उन्हें सरकार से मदद नहीं मिली, तो वह वित्त वर्ष 2026 के बाद संचालन जारी नहीं रख पाएगा. सरकार ने पहले कुछ बकाया को इक्विटी में बदलकर अपनी हिस्सेदारी 49% तक बढ़ाई थी, लेकिन राहत याचिका को स्वीकार नहीं किया गया.

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टेलीकॉम सेक्टर पर प्रभाव

AGR विवाद की वजह से टेलीकॉम कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव है. विशेषज्ञों का मानना है कि वोडाफोन-आइडिया की संभावित असफलता से भारतीय टेलीकॉम बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, जिससे खरीदारों के लिए विकल्प सीमित हो सकते हैं और सेवाओं की कीमत बढ़ सकती हैं. इस निर्णय के बाद, वोडाफोन आइडिया के सामने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की बड़ी चुनौती है, और निवेशकों की चिंता बढ़ गई है.

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Published by: Sakshi sinha

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