एसबीआई एटीएम है तो आपके लिए बैंक की विशेष छूट, माफ कर दिया ये सरचार्ज

कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन 2.0 के दौरान देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने आगामी 30 जून तक एटीएम से नकदी निकासी पर किसी भी तरह का सर्विस चार्ज नहीं लेने का ऐलान किया है.

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन 2.0 के दौरान देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने आगामी 30 जून तक एटीएम से नकदी निकासी पर किसी भी तरह का सर्विस चार्ज नहीं लेने का ऐलान किया है. बैंक की ओर से दी गयी सुविधा के तहत एसबीआई के ग्राहक किसी अन्य बैंक के एटीएम पर भी 30 जून तक बिना किसी शुल्क के नकदी निकासी का लाभ उठा सकते हैं. बैंक ने अपनी वेबसाइट पर इस बाबत आधिकारिक घोषणा की है. इसके अनुसार एसबीआई के एटीएम से किये गये किसी प्रकार का लेनदेन सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा.

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बता दें कि 24 मार्च को वित्त मंत्री की ओर से की गयी घोषणा के मद्देनजर एसबीआई ने एटीएम और अन्य बैंक में किये गये सभी एटीएम लेनदेन के लिए एटीएम शुल्क नहीं लेने का फैसला किया है. बैंक की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर आपने मुफ्त लेनदेन की संख्या से ज्यादा लेनदेन कर लिया, तब भी आपको 30 जून तक यह सुविधा मिलेगी.

इसके साथ ही, बैंक ने 15 अप्रैल से बचत जमा खाते पर ब्याज दर घटा दिया है. बचत खाते में जमा पर 2.75 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. एसबीआई बचत जमा पर 0.25 फीसद की कटौती की गयी है. हालांकि, लॉकडाउन के पहले तक बैंक बचत जमा पर 3 फीसदी की दर से ब्याज दे रहा था. साथ ही, एसबीआई ने सभी अवधि के कर्ज पर एमसीएलआर में भी 0.35 फीसदी की कटौती की घोषणा की है.

बता दें कि 24 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि बैंक के ग्राहक द्वारा किसी भी अन्य बैंक के एटीएम से तीन महीने तक यानी 30 जून तक नकद निकासी पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. डेबिट कार्डधारक किसी भी अन्य बैंकों से मुफ्त में नकदी निकाल सकते हैं. वित्त मंत्री ने कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए यह फैसला लिया था.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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