Shark Tank: क्या आपका क्रेडिट कार्ड आपको अमीर बना रहा है? SaveSage के ‘स्मार्ट’ फॉर्मूले ने जीती 4 करोड़ की फंडिंग

Shark Tank के SaveSage ने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स को ‘डिजिटल एसेट’ बना दिया है. AI एजेंट Savvy की मदद से यह स्टार्टअप खर्चों पर 23% तक रिटर्न और फ्री फ्लाइट्स दिलाता है. आशीष लाठ के इस विजन पर 4 शार्क्स ने 4 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है.

Shark Tank: क्या आप जानते हैं कि जब आप अपना क्रेडिट कार्ड स्वाइप करते हैं, तो आप सिर्फ पैसे खर्च नहीं कर रहे होते, बल्कि ‘डिजिटल गोल्ड’ भी जमा कर रहे होते हैं? दुर्भाग्य से भारत में हर साल करोड़ों रुपये के क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स बिना इस्तेमाल किए ही एक्सपायर हो जाते हैं. लेकिन गुरुग्राम के एक उद्यमी (एंटरप्रेन्योर) ने इस बर्बादी को एक बड़े बिजनेस में बदल दिया है. शार्क टैंक इंडिया 5 (Shark Tank India 5) में हाल ही में SaveSage नाम के एक स्टार्टअप ने एंट्री मारी, जिसने न सिर्फ जजों को हैरान कर दिया, बल्कि 4 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फंडिंग भी बटोरी.

फ्री की लग्जरी का ‘मास्टरमाइंड’

स्टार्टअप के फाउंडर आशीष लाठ की कहानी किसी सपने जैसी लगती है. उन्होंने मंच पर दावा किया कि पिछले एक दशक में उन्होंने क्रेडिट कार्ड पॉइंट्स का स्मार्ट इस्तेमाल करके

  • 430+ फ्लाइट्स (डोमेस्टिक और इंटरनेशनल) मुफ्त में लीं.
  • 100 से ज्यादा रातें लग्जरी होटलों में फ्री बिताईं.
  • 15 लाख रुपये की ज्वेलरी बिना कोई पैसा दिए खरीदी.
  • जहां आम इंसान निवेश (Investment) पर रिटर्न ढूंढता है, वहीं आशीष ने अपने ‘खर्च’ पर 23% का सालाना रिटर्न कमाकर शार्क अनुपम मित्तल को भी अपना फैन बना लिया.

क्या है SaveSage और कैसे काम करता है?

SaveSage एक AI-पावर्ड फिनटेक प्लेटफॉर्म है, जो आपके क्रेडिट कार्ड्स के लिए एक ‘स्मार्ट मैनेजर’ की तरह काम करता है.

  • Savvy: आपका पर्सनल AI एजेंट: ऐप में ‘Savvy’ नाम का एक इंटेलिजेंट असिस्टेंट है. यह आपको हर वक्त यह सलाह देता है कि किस सामान को खरीदने के लिए आपके पास मौजूद कौन सा कार्ड सबसे ज्यादा रिवॉर्ड देगा.
  • सही कार्ड का चुनाव: भारत में 1000 से ज्यादा क्रेडिट कार्ड्स मौजूद हैं. SaveSage का एआई सिस्टम 50,000 डेटा पॉइंट्स को स्कैन करके आपको वही कार्ड सजेस्ट करता है जो आपकी लाइफस्टाइल के लिए परफेक्ट हो.
  • ऑटो-रिडेम्प्शन: यह ऐप सिर्फ सलाह ही नहीं देता, बल्कि आने वाले समय में यह आपकी तरफ से खुद ही पॉइंट्स रिडीम कर सकेगा, ताकि एक भी पॉइंट बेकार न जाए.

अप्रैल 2024 में शुरू हुए इस सफर ने बहुत कम समय में रफ्तार पकड़ ली है. कंपनी का बिजनेस मॉडल सब्सक्रिप्शन, कार्ड रिकमेंडेशन और एफिलिएट मार्केटिंग पर टिका है. जहाँ वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कमाई मात्र 33 हजार रुपये थी, वहीं 2025-26 के शुरुआती 7 महीनों में ही इसने 2.53 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. आशीष के विजन और डेटा पर पकड़ को देखकर शार्क टैंक के मंच पर बड़ी डील हुई. हालांकि अमन गुप्ता इस रेस से बाहर हो गए, लेकिन अनुपम मित्तल, मोहित यादव, नमिता थापर और कुणाल बहल ने हाथ मिलाया और स्टार्टअप में 9% हिस्सेदारी के बदले 4 करोड़ रुपये का निवेश किया.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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