PDS New Rules: राशन में हेराफेरी की तो खैर नहीं! डीलरों को भरना होगा भारी जुर्माना, दर्ज होगी FIR और होंगे ब्लैकलिस्ट

दिल्ली में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी बनाने और राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग ने नए नियम लागू कर दिए हैं. विभाग ने 'दिल्ली विशिष्ट वस्तु (वितरण का विनियमन) आदेश, 2026' अधिसूचित किया है. इसके तहत स्टॉक में गड़बड़ी या राशन की हेराफेरी करने वाले उचित दर दुकान (FPS) डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है.

यह नया आदेश 1981 के पुराने नियमों की जगह लेगा. पहले कार्रवाई अधिकारियों के विवेक पर निर्भर होती थी, लेकिन अब किलोग्राम के हिसाब से निश्चित दंड और कार्रवाई तय कर दी गई है.

स्टॉक में कमी पर जुर्माना और कार्रवाई

  • 25 से 50 किग्रा कमी: प्रदर्शन गारंटी (Performance Guarantee) से 2,000 रुपये जब्त होंगे और 7 दिनों के भीतर कमी पूरी करनी होगी.
  • 50 से 100 किग्रा कमी: 10,000 रुपये जब्त किए जाएंगे और लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा.
  • 100 किग्रा से अधिक कमी: पूरी प्रदर्शन गारंटी राशि जब्त होगी, लाइसेंस निलंबित किया जाएगा और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Section 7/10) के तहत अनिवार्य रूप से FIR दर्ज होगी.

e-PoS मशीन से छेड़छाड़ और अन्य मामले पर भी होगी कार्रवाई

ई-पीओएस (e-PoS) मशीन से छेड़छाड़, अग्नि सुरक्षा का उल्लंघन, अस्वच्छता, बोर्ड पर अनिवार्य जानकारी न लिखना या लाभार्थियों से अभद्र व्यवहार करने पर 25,000 रुपये तक की जब्ती या लाइसेंस रद्द हो सकता है. राशन की हेराफेरी या बार-बार उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई करते हुए दुकान को काली सूची में डाला जाएगा.

लाइसेंसिंग और पात्रता में बड़े बदलाव

  • 12 महीने की मोहलत: मौजूदा डीलरों को 5,000 रुपये शुल्क जमा कर नया एकमुश्त लाइसेंस लेने के लिए 12 महीने का समय मिला है. जुलाई 2015 के बाद नियुक्त डीलरों के लिए न्यूनतम 12वीं पास होना अनिवार्य है.
  • दो तरह के लाइसेंस: अब 'नियमित लाइसेंस' (जो निलंबन तक वैध रहेंगे) और 'अस्थायी लाइसेंस' (अधिकतम 3 महीने के लिए) दिए जाएंगे.
  • नए आवेदकों को मौका: अब व्यक्तियों के अलावा स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी समितियां और एनजीओ भी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे.

तकनीक और छुट्टियों के नियम

सभी राशन दुकानों में स्वीकृत ई-पीओएस मशीन के साथ इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और आइरिस (Iris) स्कैनर का इस्तेमाल अनिवार्य होगा. राशन दुकानें हर सोमवार को बंद रहेंगी. इसके अलावा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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