Oil Price on 12 June 2026: दुनियाभर में तेल की कीमतों को लेकर बड़ी हलचल मची हुई है. शुक्रवार को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड गिरकर 88.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी तेल (WTI) लगभग 86 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है. यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए कि ईरान के साथ एक शांति समझौता इसी वीकेंड तक हो सकता है.
क्या वाकई डील होने वाली है?
व्हाइट हाउस में बात करते हुए ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के नेता डील की रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं और इसे यूरोप में इसी वीकेंड तक साइन किया जा सकता है. हालांकि, ईरान की तरफ से अभी तक ऐसी किसी डील की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘फारस’ का कहना है कि अभी तक कोई फाइनल ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है. ट्रम्प के मुताबिक, इस डील में ईरान को परमाणु हथियार न बनाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करने का वादा शामिल होगा.
होर्मुज का रास्ता खुलने से क्या होगा?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे जरूरी एनर्जी चोकपॉइंट है. इस विवाद के कारण वहां से तेल और गैस की सप्लाई लगभग पूरी तरह बंद हो गई थी, जिससे ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मचा हुआ था. अगर यह समझौता होता है और जहाज फिर से चलने लगते हैं, तो तेल की सप्लाई की चिंताएं कम हो जाएंगी. यही वजह है कि इन्वेस्टर्स अब थोड़ा राहत की सांस ले रहे हैं और तेल की कीमतों से ‘जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम’ (तनाव के कारण बढ़ी कीमतें) कम होने लगा है.
क्या तेल की सप्लाई तुरंत सामान्य हो पाएगी?
भले ही बाजार में उत्साह दिख रहा हो, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि रातों-रात सब कुछ ठीक नहीं होगा. डील होने के बाद भी कई चुनौतियां सामने हैं:
- सफाई और मरम्मत: होर्मुज के रास्ते से बारूदी सुरंगों (mines) को हटाना और वहां खराब हुई ऊर्जा संरचनाओं को ठीक करना एक लंबा काम है.
- समय लगेगा: तेल के कुओं को फिर से पूरी क्षमता से चालू करने में महीनों लग सकते हैं.
- मार्केट पर असर: पिछले कुछ हफ्तों में सिंगापुर में फ्यूल का स्टॉक 2013 के निचले स्तर पर आ गया है और अमेरिका में भी कच्चे तेल का भंडार काफी घट गया है.
भले ही कुछ टैंकरों ने होर्मुज से गुजरना शुरू कर दिया हो, लेकिन सप्लाई अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से बहुत नीचे है. कुल मिलाकर, शांति की खबर एक अच्छी शुरुआत जरूर है, लेकिन आम जनता और बाजार को राहत मिलने में अभी लंबा समय लग सकता है.
ये भी पढ़ें: आज कहां सस्ता और कहां महंगा मिलेगा पेट्रोल-डीजल? देखें 12 जून की लेटेस्ट रेट लिस्ट
