गडकरी ने मुंबई में वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में कहा कि फास्टैग पूरी तरह लागू होने पर सरकार को हर साल 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये तक का फायदा हो सकता है. उन्होंने बताया कि फास्टैग के कारण टोल से होने वाली कमाई में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इससे टोल की आय अब 82,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है. सरकार को उम्मीद है कि आगे फास्टैग के इस्तेमाल से कमाई और बढ़ेगी.
नितिन गडकरी ने बताया कि बिना रुके टोल देने की नई व्यवस्था से टोल की कमाई में 10 फीसदी यानी करीब 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये की और बढ़ोतरी हो सकती है. उन्होंने कहा कि टोल बूथ चलाने का खर्च भी काफी घटा है. पहले यह खर्च 12 फीसदी था, जो अब घटकर सिर्फ 2 से 3 फीसदी रह गया है. उन्होंने बताया कि इस साल दिसंबर के अंत तक 70 फीसदी से ज्यादा टोल बूथ बिना रुकावट वाली व्यवस्था में आ जाएंगे. वहीं, अगले साल मार्च ( साल 2027) तक देश के सभी टोल बूथ इस व्यवस्था से जुड़ जाएंगे. इससे गाड़ी के ड्राइवरों को टोल पर रुकने की जरूरत कम होगी और सफर आसान होगा.
टोल बूथ पर गाड़ियों के कम रुकने से लोगों का बचता है समय : गडकरी
गडकरी ने कहा कि टोल बूथ पर गाड़ियों के कम रुकने से लोगों का समय बचता है. इसके साथ ही फ्यूल की भी बचत होती है. उन्होंने बताया कि स्टडी के मुताबिक, सिर्फ फ्यूल बचने से ही हर साल 5,250 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हो रही है.
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ओवरलोड ट्रकों पर लगेगी लगाम, गडकरी ने टेक एक्सपर्ट्स से मांगा समाधान
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स से ट्रकों में क्षमता से ज्यादा माल लादने का पता लगाने के लिए नई तकनीक विकसित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश के माल ढुलाई क्षेत्र में पारदर्शिता की कमी है. इसे दूर करने के लिए सरकार काम कर रही है. गडकरी ने यह भी बताया कि एक संचालक के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया है.
