New Income Tax Rules 2026: भारत में इनकम टैक्स से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. 1 अप्रैल 2026 से नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू होगा, जो पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा. इसका सीधा असर आपकी कमाई, निवेश और टैक्स भरने के तरीके पर पड़ेगा. आइए जानते हैं इसके बारें में विस्तार से.
रिटर्न भरने की डेडलाइन में क्या बदलाव है?
अब तक छोटे व्यापारियों और बिना ऑडिट वाले प्रोफेशनल्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती थी. इसे बढ़ाकर अब 31 अगस्त कर दिया गया है. यानी आपको अपनी अकाउंट बुक्स दुरुस्त करने के लिए एक महीना ज्यादा मिलेगा. हालांकि, सैलरी पाने वाले आम लोगों (ITR-1 और ITR-2 भरने वालों) के लिए डेडलाइन अभी भी 31 जुलाई ही रहेगी.
शेयर बाजार और निवेश पर क्या असर होगा?
अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं, तो अब जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी होगी. फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर लगने वाला STT (Securities Transaction Tax) बढ़ा दिया गया है.ऑप्शंस की सेल पर अब 0.10% की जगह 0.15% टैक्स लगेगा.
एक और बड़ा बदलाव म्यूचुअल फंड और डिविडेंड की कमाई को लेकर है. पहले इस कमाई को दिखाने के लिए आप 20% तक के ब्याज खर्च की छूट ले सकते थे, लेकिन अब यह छूट पूरी तरह खत्म कर दी गई है. यानी अब ऐसी कमाई पर आपको ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है.
ऑफिस आने-जाने के खर्चे पर क्या राहत मिली?
नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. पहले केवल कंपनी की गाड़ी से घर से ऑफिस आने-जाने पर टैक्स छूट मिलती थी. अब नए कानून में अगर कंपनी आपके आने-जाने के खर्च का पैसा (Reimbursement) देती है, तो उसे आपकी सैलरी का हिस्सा (Perquisite) नहीं माना जाएगा और उस पर टैक्स नहीं लगेगा.
रिटर्न सुधारने के लिए कितना समय मिलेगा?
अगर आपसे रिटर्न भरते समय कोई गलती हो गई है, तो अब उसे सुधारने (Revised Return) के लिए 12 महीने का समय मिलेगा (पहले यह 9 महीने था). लेकिन ध्यान रहे, अगर आप 9 महीने के बाद अपनी गलती सुधारते हैं, तो आपको 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी होगी.
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