शेयर बाजार में हाहाकार, विदेशी निवेशकों ने मार्च में बेचे 54,455 करोड़ रुपये के शेयर

Indian Stock Market 16 March 2026: सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का दौर जारी है. विदेशी निवेशकों ने अब तक 54,455 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं. मिडिल ईस्ट संकट के कारण कच्चे तेल के दाम भी बढ़ गए हैं. जानें विशेषज्ञों ने अभी निवेशकों को अभी क्या सलाह दी है.

Indian Stock Market 16 March 2026: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही है. निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही गिरकर खुले है. आसान शब्दों में कहें तो बाजार में खरीदारों से ज्यादा बेचने वालों का जोर रहा, जिससे निवेशकों में थोड़ी चिंता देखी गई है.

विदेशी निवेशक पैसा क्यों निकाल रहे हैं?

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह यह है कि विदेशी निवेशक (FPI) लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं. अकेले मार्च के महीने में उन्होंने अब तक 54,455 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये निवेशक न केवल पैसा निकाल रहे हैं, बल्कि उन्हें लगता है कि बाजार अभी और नीचे जा सकता है.

दुनिया के हालातों का क्या असर है?

मिडल ईस्ट (खाड़ी देशों) में चल रहे तनाव के कारण पूरी दुनिया के बाजार डरे हुए हैं. इस तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल हो गई है. भारत तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ता है.

सोने-चांदी और विदेशी बाजारों का क्या हाल है?

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका और जापान जैसे देशों के बाजार भी गिरावट के दौर से गुजर रहे हैं. वहीं, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमत 1,58,400 रुपये (10 ग्राम) के काफी ऊंचे स्तर पर है. हालांकि, चांदी की कीमतों में सोमवार को करीब 3% की गिरावट आई है.

अब आगे क्या होगा?

बाजार के जानकारों का कहना है कि निफ्टी ने अपना एक मजबूत स्तर (सपोर्ट) खो दिया है. इसका मतलब है कि आने वाले कुछ दिनों तक बाजार में उठापटक जारी रह सकती है. जब तक दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों से कुछ अच्छे संकेत नहीं मिलते, तब तक निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए.

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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