सप्ताह की शुरुआत में झटका, विदेशी बिकवाली और वैश्विक उथल-पुथल से बाजार कमजोर

Indian Stock Market 12 January 2026: भारतीय शेयर बाजार सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ करता दिखा है. वैश्विक तनाव, ईरान में अशांति और बढ़ते क्रूड के चलते निवेशक सतर्क नजर आए हैं.

By Soumya Shahdeo | January 12, 2026 11:13 AM

Indian Stock Market 12 January 2026: सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए हल्की निराशा के साथ हुई है. सोमवार को मार्केट खुलते ही यह साफ दिख गया कि निवेशकों में अब भी डर और अनिश्चितता का माहौल है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान में जारी भारी अशांति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं, जिसने घरेलू बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया है.

ओपनिंग में गिरावट क्यों दिखी?

NIFTY 50 ने सोमवार को 25,669.05 पर खुलकर 14.25 अंकों की हल्की गिरावट दर्ज की, जबकि बीएसई सेंसेक्स 83,435.31 पर खुलकर 140.93 अंक टूट गया. विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और वैश्विक तनाव के कारण बाजार कमजोर होकर शुरू हुआ. एनरिच मनी के CEO पोनमुदि आर ने भी कहा कि कमजोर ग्लोबल संकेतों और FII आउटफ्लो के चलते शुरुआती घंटे में ज्यादा उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. इसमें कच्चे तेल की कीमतें भी बड़ा कारण रहीं हैं. सोमवार को ब्रेंट क्रूड 0.26% बढ़कर 63.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे भारतीय बाजार की चिंताएं और बढ़ गईं है.

कौन-से सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में?

NSE के व्यापक इंडेक्सों में भी कमजोरी दिखी है. निफ्टी 100, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 तीनों 0.03% की मामूली गिरावट के साथ खुले है. सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी मेटल, पीएसयू बैंक और रियल्टी को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में नजर आए है. निफ्टी आईटी 0.23% टूटा, ऑटो 0.11% गिरा, मीडिया index 0.22% फिसला, जबकि फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी हल्की कमजोरी रही है. Alphamojo Financial Services के फाउंडर सुनील गुर्जर के मुताबिक, निफ्टी का शॉर्ट-टर्म टेक्निकल ट्रेंड भी कमजोर है क्योंकि इंडेक्स अपने छोटे EMA से नीचे ट्रेड कर रहा है और भारी FII सेलिंग भरोसा कम कर रही है.

क्या ग्लोबल हालात बढ़ा रहे हैं टेंशन?

ईरान में पिछले 15 दिनों से जारी भारी विरोध प्रदर्शनों ने वैश्विक बाजारों में डर बढ़ा दिया है. महंगाई और आर्थिक परेशानी से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं. यह अस्थिरता एशियाई बाजारों को छोड़कर पूरी दुनिया में दबाव बना रही है. हालांकि जापान का निक्केई 1.5% ऊपर गया और सिंगापुर, हांगकांग, ताइवान और दक्षिण कोरिया के मार्केट भी हरे निशान में रहे है. भारत में FIIs ने 9 जनवरी को 3,769.3 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि DIIs ने 5,595.8 करोड़ रुपए की खरीदी कर मार्केट को थोड़ी सहारा दिया है.

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