रिकॉर्ड स्तर से फिसला भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, जानें क्या है वजह?

RBI Forex Reserves: रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में हल्की गिरावट आई है. RBI के अनुसार स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन क्या यह सिर्फ एक ठहराव है या आगे की बड़ी हलचल का संकेत?

RBI Forex Reserves: हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में कमी आई है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 20 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में यह भंडार 2.119 बिलियन डॉलर घटकर 723.608 बिलियन डॉलर रह गया है.

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों से भंडार लगातार बढ़ रहा था और फरवरी में यह 725.727 बिलियन डॉलर के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था. इस बार की गिरावट की मुख्य वजह सोने की कीमत में कमी और विदेशी मुद्रा संपत्ति (FCA) का कम होना है.

विदेशी मुद्रा भंडार क्यों कम हुआ?

आंकड़ों के मुताबिक, भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा यानी फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) 1.039 बिलियन डॉलर घटकर 572.564 बिलियन डॉलर हो गया है. इसके अलावा, सोने का भंडार भी 977 मिलियन डॉलर गिरकर 127.489 बिलियन डॉलर पर आ गया है.

क्या अब भी हम सुरक्षित हैं?

घबराने की कोई बात नहीं है. RBI ने हाल ही में कहा था कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने से ज्यादा के इम्पोर्ट्स के लिए काफी है. भारत का एक्सटर्नल सेक्टर बहुत मजबूत है और देश अपनी सभी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है.

इस साल भंडार का हाल कैसा है?

साल 2025 अब तक विदेशी मुद्रा भंडार के लिए शानदार रहा है. इस साल अब तक भंडार में लगभग 56 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी है. तुलना करें तो, 2024 में इसमें 20 बिलियन डॉलर और 2023 में 58 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ था.

RBI कैसे करता है इसकी देखभाल?

RBI का काम रुपये की कीमत को स्थिर रखना है. जब रुपया मजबूत होता है, तो RBI डॉलर खरीदता है और जब रुपया कमजोर होता है, तो डॉलर बेचता है ताकि उतार-चढ़ाव को रोका जा सके.

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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