Illegal Immigrants: 65 लाख रुपये खर्च कर पहुंचा अमेरिका, हथकड़ी और बेड़ियां पहनकर लौटा आकाश

Illegal Immigrants: 65 लाख रुपये देकर अमेरिका जाने का सपना देखा, लेकिन हकीकत दर्दनाक निकली। हाथ में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लेकर वापस लौटा करनाल का आकाश.

Illegal Immigrants: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद अपने वादे के अनुसार अवैध प्रवासियों को उनके देशों में वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. खास बात यह है कि इन प्रवासियों को अमेरिका के मिलिट्री विमानों से वापस भेजा जा रहा है, न कि सिविल विमानों से. इस कदम से यह संदेश जाता है कि ट्रंप अवैध प्रवास के मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं.

हाल ही में 104 भारतीयों को अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत भेजा गया. ये सभी लोग मेक्सिको-अमेरिका सीमा पर पकड़े गए थे, और इनमें से अधिकांश ने डंकी रूट के जरिए अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश की थी. इन प्रवासियों की अलग-अलग कहानियां हैं, जिनमें से एक कहानी करनाल जिले के घरौंडा के कालरों गांव के आकाश की भी है.

परिवार ने जमीन बेचकर भेजा अमेरिका

20 वर्षीय आकाश ने अमेरिका जाने का सपना देखा और इसे पूरा करने के लिए उसके परिवार ने अपनी जमीन बेच दी. उसके बड़े भाई ने उसकी जिद को देखते हुए उसे भेजने का फैसला किया. परिवार ने कुल 72 लाख रुपये खर्च किए, जिसमें 65 लाख रुपये एजेंट को दिए गए और बाकी 7 लाख यात्रा व अन्य खर्चों में लग गए.

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डंकी रूट से हुआ धोखा

एजेंट ने आकाश को सीधे मैक्सिको भेजने का वादा किया था, लेकिन उसे दूसरे रास्ते से भेजा गया. उसे कई देशों से होते हुए जंगलों, नदियों और कठिन रास्तों से गुजरना पड़ा. आकाश के भाई शुभम ने उन खतरनाक रास्तों के वीडियो दिखाए जहां से आकाश को गुजरना पड़ा था.

अमेरिका पहुंचा, लेकिन पकड़ा गया

26 जनवरी को आकाश ने परिवार से आखिरी बार बात की थी. वह मैक्सिको की दीवार कूदकर अमेरिका में दाखिल हो गया था, लेकिन उसे वहां पकड़ लिया गया. जल्द ही, उसे रिमांड का डर दिखाकर डिपोर्टेशन पेपर्स पर साइन करवा लिए गए.

डिपोर्ट होने के बाद परिवार की हालत खराब

बुधवार दोपहर शुभम को पता चला कि उसका भाई भारत वापस आ रहा है. 26 जनवरी के बाद से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई थी. शाम को जब आकाश का फोन आया, तब जाकर परिवार को राहत मिली. सुबह घर पहुंचने के बाद आकाश अपने मामा के घर चला गया.

परिवार की अपील – एजेंटों पर हो सख्त कार्रवाई

डंकी रूट के कारण आकाश और उसके परिवार को भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ. अब परिवार चाहता है कि ऐसे एजेंटों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि कोई और इस तरह ठगा न जाए.

क्या है डंकी रूट?

डंकी रूट गैरकानूनी तरीके से अमेरिका, कनाडा या यूरोप जाने का एक जोखिमभरा रास्ता है. इसमें लोग कई देशों से होते हुए पैदल, नाव, ट्रक या अन्य साधनों से मैक्सिको-अमेरिका सीमा तक पहुंचते हैं. यहां से वे दीवार कूदकर या अन्य अवैध तरीकों से अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं.

सपनों की कीमत – जिंदगी का जोखिम

डंकी रूट बेहद खतरनाक होता है, जहां लोगों को भूख, बीमारी, दुर्व्यवहार और कभी-कभी मौत तक का सामना करना पड़ता है. इस घटना ने दिखाया कि अवैध रूप से विदेश जाने के प्रयास में कितना बड़ा जोखिम हो सकता है. आकाश की कहानी उन लोगों के लिए एक सबक है जो बिना सही जानकारी के विदेश जाने का सपना देखते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

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करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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