PMMVY 2026: केंद्र सरकार देश की माताओं और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के जरिए बड़ी आर्थिक सहायता दे रही है. साल 2017 से नए रूप में चल रही यह योजना गर्भवती महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण के लिए पैसे देना और बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना है.
दो बार मिलता है लाभ
योजना के तहत आर्थिक मदद को दो हिस्सों में बांटा गया है:
- पहली बार मां बनने पर सरकार कुल 5,000 रुपए देती है. इसमें से 3,000 रुपए प्रेग्नेंसी के रजिस्ट्रेशन के समय और बाकी के 2,000 रुपए बच्चे के जन्म के बाद मिलते हैं.
- अगर दूसरी संतान बेटी होती है, तो सरकार सीधे 6,000 रुपए की सहायता देती है. यह सारा पैसा सीधे आपके बैंक खाते में (DBT के जरिए) भेजा जाता है ताकि बीच में कोई बिचौलिया न रहे.
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:
- महिला की उम्र कम से कम 19 साल होनी चाहिए.
- परिवार की सालाना कमाई 8 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
- यदि आपके पास ई-श्रम कार्ड, बीपीएल कार्ड, मनरेगा कार्ड है या आप दिव्यांग श्रेणी में हैं, तो आप आसानी से आवेदन कर सकती हैं.
आवेदन की प्रक्रिया और समय सीमा
योजना का लाभ लेने के लिए देरी न करें। बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर आवेदन करना जरूरी है.
- आप खुद इसकी आधिकारिक वेबसाइट pmmvy.wcd.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं.
- अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर भी फॉर्म जमा किया जा सकता है.
करोड़ महिलाओं तक पहुंची सरकारी मदद
सरकारी आंकड़ों (PIB) के अनुसार, इस योजना ने अब तक देश की 4 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है. सरकार अब तक करीब 19,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर कर चुकी है. यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच को भी बदल रही है.
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