धूल फांक रही आसमान छू रही हसरतें, हिंडनबर्ग धमाके के बाद अर्श से फर्श पर पहुंच गये गौतम अदाणी

अडानी ग्रुप फिलहाल कैश बचाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है. गौरतलब है कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद अदाणी समूह विवादों में घिरा है. इस रिपोर्ट के कारण गौतम अदाणी के शेयर के भाव जमीन पर आ गये. उनकी संपत्ति में जबरदस्त गिरावट आयी, और अमीरों की लिस्ट से भी वो बाहर हो गये.

कभी एशिया के नंबर वन और दुनिया के टॉप 10 अमीरों की सूची में शामिल गौतम अदाणी का व्यवसायिक साम्राज्य तिनके की तरह बिखर गया है. हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट ने गौतम अदाणी को अर्श से फर्श पर ला दिया. एक अनुमान के मुताबिक अदाणी समूह की सात लिस्टेड फर्मों का मार्केट वैल्यू 125 अरब डॉलर घटा है. रिपोर्ट आने के बाद गौतम अदाणी अमीरों की फेहरिस्त से बाहर होते चले गए. फिलहाल वो टॉप 20 से भी बाहर हैं.

रफ्तार पर लगा ब्रेक: हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद अदाणी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आयी थी. कंपनी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था. हालांकि अदाणी समूह के कुछ शेयरों के भाव इन दिनों जरूर चढ़े हैं लेकिन अभी भी उन पर भारी कर्ज है. हालांकि अदाणी ग्रुप तेजी से वित्तीय हालात में सुधार करने की दिशा में काम कर रहा है. बिजली उत्पादन, पोर्ट और न्यू ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में और आगे बढ़ाने की दिशा में कंपनी काम कर रही है.

डरे हुए है सहयोगी: अदाणी कंपनी में आयी उधल-पुथल से उसके सहयोगी कंपनियां भी डरे हुए हैं. हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस स्थित  टोटल इनर्जिस एसई (Total Energies SE) पहले से ही अदाणी समूह के साथ एक ग्रीन हाइड्रोजन पार्टनरशिप परियोजना को होल्ड पर रख दिया है. इसके अलावा बीते महीने फरवरी में अडानी ग्रुप ने मध्य भारत में एक कोयला खदान खरीदने की योजना को भी रद्द कर दिया. इसके अलावा पीटीसी इंडिया लिमिटेड में हिस्सेदारी के लिए बोली भी नहीं लगाई. अदाणी समूह ने डीबी पावर के अधिग्रहण से भी अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं.

कैश बचाने पर ध्यान दे रहा है अदाणी ग्रुप: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रुप फिलहाल कैश बचाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है. गौरतलब है कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद अदाणी समूह विवादों में घिरा है. इस रिपोर्ट के कारण गौतम अदाणी के शेयर के भाव जमीन पर आ गये. उनकी संपत्ति में जबरदस्त गिरावट आयी, और अमीरों की लिस्ट से भी वो बाहर हो गये. हालांकि अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग के सभी आरोपों को खारिज किया है.

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सेबी प्रमुख ने अदाणी मुद्दे पर साधी चुप्पी: वहीं, सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने अडाणी मुद्दे पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. विवाद को लेकर उनका कहना है कि फिलहाल यह मामला अदालत में है.  बता दें, अदाणी और हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी का गठन किया है, कमेटी में सर्वोच्च न्यायालय ने 6 सदस्यों को शामिल किया हैं. यह कमेटी दो महीने के भीतर कोर्ट को अपनी रिपोर्ट देगी. 

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Author: Pritish Sahay

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