अब बादाम-पिस्ता भी हुए महंगे, ड्राय फ्रूट्स की कीमतों में 40% तक का उछाल

Dry fruit prices : फेस्टिव सीजन और शादियों के इस समय में ड्राय फ्रूट्स की बढ़ती कीमतें बजट बिगाड़ रही हैं. रिटेलरों का कहना है कि अगर युद्ध के हालात जल्दी सामान्य नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी ज्यादा बढ़ सकती हैं, क्योंकि पुराना स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है.

Dry fruit prices : अगर आप ड्राय फ्रूट्स खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी. हैदराबाद के व्यापारियों का कहना है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रही जंग के साथ-साथ अफगानिस्तान और पाकिस्तान बॉर्डर पर जारी तनाव ने सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ दिया है.

सप्लाई चेन टूटने से बिगड़ा गणित

अफगानिस्तान, ईरान, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देश ड्राय फ्रूट्स के प्रमुख उत्पादक और निर्यातक हैं. हैदराबाद के व्यापारियों के मुताबिक, युद्ध के कारण इन क्षेत्रों से आने वाले माल की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. बॉर्डर पर तनाव के चलते माल से लदे ट्रक और कंटेनर रास्ते में ही फंस गए हैं, जिससे बाजारों में सप्लाई की भारी कमी हो गई है.

महंगी हुई माल ढुलाई

सड़क और समुद्र के रास्ते बंद होने या जोखिम भरे होने के कारण सप्लायर्स ने अब हवाई जहाज (Air Cargo) का सहारा लेना शुरू कर दिया है.

  • हवाई खर्च: हवाई जहाज से माल लाना सड़क मार्ग के मुकाबले कई गुना महंगा पड़ता है.
  • असर: इस बढ़े हुए खर्च का सीधा बोझ ग्राहकों पर डाल दिया गया है, जिससे काजू, बादाम, पिस्ता और अंजीर जैसी चीजों के दाम रातों-रात बढ़ गए हैं.

क्या कहते हैं व्यापारी ?

हैदराबाद में ‘अफगान बागबान’ के मालिक अमान खान ने बताया, “पिछले 20 दिनों से जारी युद्ध ने हमारे व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है. तुर्की, दुबई और सऊदी अरब से आने वाली सप्लाई लगभग रुक गई है. अफगानिस्तान से जो माल आ रहा है, वह अब हवाई जहाज से मंगवाना पड़ रहा है. इतनी बढ़ी हुई कीमतों पर ग्राहकों को राजी करना हमारे लिए बहुत मुश्किल हो रहा है.”

प्रमुख देशों से प्रभावित होने वाले उत्पाद

देशप्रमुख ड्राय फ्रूट्स
अफगानिस्तानबादाम, मुनक्का, अंजीर
ईरानपिस्ता, केसर, खजूर
तुर्की/मिस्रखुबानी, अखरोट, सूखे मेवे

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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