PBOC Gold Reserves : दुनियाभर में मची उथल-पुथल के बीच चीन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे ‘सोने’ (Gold) पर सबसे ज्यादा भरोसा है. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने फरवरी के महीने में भी अपनी सोने की खरीदारी जारी रखी. यह लगातार 16वां महीना है जब चीन ने अपने भंडार में सोना जोड़ा है.
क्यों बढ़ रही है सोने की भूख ?
bloomberg के एक रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है. जब भी दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनते हैं या शेयर बाजार में अनिश्चितता आती है, तो लोग अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए सोने की तरफ भागते हैं. इसी ‘सेफ-हेवन’ (Safe-haven) डिमांड की वजह से सोने की कीमतों में तगड़ा उछाल देखने को मिल रहा है.
रिकॉर्ड स्तर पर कीमतें
- चीन की खरीदारी: फरवरी में PBOC ने 30,000 ट्रॉय औंस सोना खरीदा, जिससे उनका कुल रिजर्व अब 74.22 मिलियन औंस हो गया है.
- कीमतों में उछाल: ग्लोबल मार्केट में सोने (Spot Gold) की कीमत करीब 1.85% बढ़कर $5,171.12 प्रति औंस के स्तर पर पहुँच गई है.
- डॉलर से दूरी: चीन का यह कदम सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने (De-dollarization) की एक सोची-समझी रणनीति है.
युद्ध और तनाव का बाजार पर असर
हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया है. इस भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव के कारण निवेशकों ने जोखिम भरे शेयरों से पैसा निकालकर सोने और बॉन्ड्स में लगाना शुरू कर दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही जनवरी में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी थोड़ी धीमी रही हो, लेकिन मौजूदा “ऑयल शॉक” और अस्थिरता को देखते हुए 2026 तक सोने की मांग हाई रहने वाली है.
दुनियाभर के देशों में अलग-अलग रुख
दिलचस्प बात यह है कि जहां चीन और पूर्वी यूरोपीय देश सोना जमा कर रहे हैं, वहीं कुछ देश इसे बेच भी रहे हैं.
- चीन और पोलैंड: ये देश अपनी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सोना खरीद रहे हैं.
- रूस और वेनेजुएला: आर्थिक प्रतिबंधों और नकदी की कमी (Liquidity) के चलते ये देश अपना सोना बाजार में बेच रहे हैं ताकि देश का खर्च चला सकें.
क्या और महंगा होगा सोना ?
जे.पी. मॉर्गन इनवेस्टमेंट कंपनी के एक्सकपर्ट का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की औसत कीमत $5,055 के आसपास रहेगी. अगर दुनिया में तनाव इसी तरह जारी रहा, तो सोने की कीमतों को नीचे गिराना मुश्किल होगा. आम निवेशकों के लिए भी यह एक संकेत है कि बड़े खिलाड़ी अभी भी सोने को ही सबसे सुरक्षित मान रहे हैं.
Also Read : SBI का महिला दिवस पर बड़ा धमाका; महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ₹4100 करोड़ के ‘सोशल लोन’ का ऐलान
