Budget 2026: फरवरी का महीना आने से पहले ही न्यूज चैनलों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह बजट 2026 की चर्चा हो रही है. हर किसी की नजरें इसी पर टिकी हैं कि आखिर इस बार बजट उनके लिए क्या लेकर आ रहा है. ऐसे में क्या आपके मन में कभी ये सवाल आया है कि जिस शब्द पर हमारे देश की इकोनॉमिक सिस्टम टिकी हुई है. वो बजट, शब्द आखिर आया कहां से है? तो आइए जानते हैं बजट शब्द आया कहां से है और भारत में इसका विकास कैसे हुआ?
बजट शब्द आखिर आया कहां से?
‘बजट’ शब्द की शुरुआत फ्रेंच भाषा के शब्द Bougette (बुजेट) से मानी जाती है, जिसका मतलब छोटा चमड़े का थैला होता है. इससे पहले लैटिन भाषा में इसे Bulga (बुल्गा) कहा जाता था. पुराने समय में ब्रिटेन के फाइनेंस मिनिस्टर संसद में खर्च और इंकम से जुड़े कागजात इसी चमड़े के बैग में लेकर आते थे. धीरे-धीरे यही शब्द सरकारी इंकम एक्सपेंडिचर के पूरे डॉक्युमेंट्स के लिए इस्तेमाल होने लगा और आज यह देश की इकोनॉमी से जुड़ा सबसे अहम शब्द बन चुका है.
पहला बजट किसने पेश किया?
भारत में बजट पेश करने का इतिहास दो हिस्सों में बंटा है. देश का सबसे पहला बजट ब्रिटिश काल के दौरान 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया था, जिसे स्कॉटलैंड के अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने पेश किया था. वहीं, अगर आजादी के बाद वाली भारत की बात करें, तो इंडिपेंडेंस के बाद 26 नवंबर 1947 को भारत के पहले फाइनेंस मिनिस्टर आर.के. शानमुगम चेट्टी ने पहला केंद्रीय बजट पेश किया था.
भारत में बजट पेश करने का बदलता अंदाज
भारत में बजट पेश करने का अंदाज अब पहले जैसा नहीं रहा है. सालों से चली आ रही अंग्रेजों की सूटकेस में बजट पेश करने वाली परंपरा को 2019 में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने पूरी तरह खत्म कर दिया था. उन्होंने लेदर बैग की जगह लाल कपड़े में लिपटा हुआ बजट किया. जिसके बाद साल 2021 में इसको पूरी तरह पेपरलेस बनाकर अब बजट पूरी तरह डिजिटली पेश होने लग गया है.
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