LPG Supply Crisis: देश में चल रहे LPG संकट का असर अब बड़ी आईटी कंपनियों पर भी दिखाई देने लगा है. इसी वजह से आईटी कंपनी HCLTech ने अपने चेन्नई ऑफिस के कर्मचारियों को 12 और 13 मार्च को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने का विकल्प दिया. दरअसल, ऑफिस की कैफेटेरिया चलाने वाले कई वेंडर्स को गैस की कमी के कारण काम बंद करना पड़ा. इसी वजह से कंपनी ने कर्मचारियों को दो दिन के लिए घर से काम करने की अनुमति दी.
रेस्टोरेंट और कैफेटेरिया पर पड़ा असर
LPG की कमी का असर सिर्फ ऑफिसों तक ही सीमित नहीं है. देश के कई शहरों में रेस्टोरेंट और खाने-पीने के ठिकाने भी गैस की कमी के कारण बंद हो रहे हैं. इस बीच गैस सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ गई हैं. 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹144 तक बढ़ गए हैं.
Infosys ने भी जारी की एडवाइजरी
आईटी सेक्टर की एक और बड़ी कंपनी Infosys ने भी अपने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि कैफेटेरिया में सीमित खाना ही उपलब्ध होगा. कंपनी ने बेंगलुरु और चेन्नई ऑफिस में कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे घर का खाना लेकर आएं, क्योंकि कमर्शियल LPG की उपलब्धता को लेकर दिक्कत आ सकती है. कई कंपनियां वेस्ट एशिया से जुड़े प्रोजेक्ट्स और सीनियर लेवल की नई भर्तियों को फिलहाल रोक रही हैं. इसके अलावा ऊर्जा, रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर भी प्रभावित हो सकते हैं.
खाड़ी देशों में काम करते हैं लाखों भारतीय
भारत के लिए यह संकट इसलिए भी अहम है क्योंकि खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय काम करते हैं. इनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन जैसे देश शामिल हैं. इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रोफेशनल और मजदूर काम करते हैं.
कंपनियां बना रही हैं वॉर रूम
स्थिति को देखते हुए कई भारतीय कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की लोकेशन ट्रैक करना शुरू कर दिया है और सुरक्षा के लिए विशेष टीम भी बनाई है.विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष का असर आने वाले कुछ महीनों में धीरे-धीरे कई सेक्टरों पर देखने को मिल सकता है.
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