Adani Defence Prahar LMG: भारतीय सेना के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा. ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत बनी 2,000 ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन (LMG) का पहला बैच सेना को सौंप दिया गया है. अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने इजरायल वेपन इंडस्ट्रीज (IWI) के साथ मिलकर इन घातक हथियारों को ग्वालियर स्थित अपनी फैक्ट्री में तैयार किया है.
क्या है प्रहार LMG की खासियत?
‘प्रहार’ जिसे इजरायल में नेगेव NG7 कहा जाता है. ये 7.62 mm कैलिबर की एक बेहद शक्तिशाली गन है. इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका वजन है. यह सिर्फ 7.6 किलो की है, जो अपनी कैटेगरी की दूसरी बंदूकों से 20 से 30 प्रतिशत तक हल्की है. इसका साइज छोटा किया जा सकता है, जिससे पैराट्रूपर्स (आसमान से कूदने वाले सैनिक) इसे आसानी से ले जा सकते हैं. यह युद्ध के मैदान में सैनिकों की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी.
समय से पहले डिलीवरी कैसे हुई?
हैरानी की बात यह है कि यह खेप तय समय से 11 महीने पहले ही डिलीवर कर दी गई. रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अनबरसु ने इसे ‘समय के खिलाफ दौड़’ जीतना बताया. कंपनी के CEO आशीष राजवंशी के अनुसार, कुल 40,000 बंदूकों का ऑर्डर है, जिसे अगले 3 साल में पूरा कर लिया जाएगा. ग्वालियर की यह यूनिट हर साल 1 लाख हथियार बनाने की क्षमता रखती है.
यहां देखें अदाणी डिफेन्स एण्ड एयरोस्पेस की ऑफिसियल एक्स पोस्ट:
विदेशी तनाव का क्या होगा असर?
मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव को लेकर जब सवाल उठा, तो इजरायल वेपन इंडस्ट्रीज के CEO शुकी श्वार्ट्ज ने साफ किया कि सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने बताया कि भारत में बना यह प्लांट अब आत्मनिर्भर है और किसी भी स्थिति में भारतीय सेना की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है.
आत्मनिर्भर भारत की तरफ कितना बड़ा कदम?
यह सिर्फ एक हथियार की डिलीवरी नहीं है, बल्कि भारत का कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी से ‘ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर’ (OEM) बनने का सफर है. अब भारत में ही पिस्तौल, स्नाइपर और असॉल्ट राइफलें बन रही हैं, जिससे विदेशों पर हमारी निर्भरता कम हो रही है.
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