केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर और सैलरी बढ़ाने का नया फॉर्मूला पेश

8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए FNPO ने 5% सालाना इंक्रीमेंट और मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर (3.0 से 3.25) की मांग की है. 15 फरवरी की बैठक के बाद यह प्रस्ताव सरकार को सौंपा जाएगा. यदि ये मांगें मंजूर हुईं, तो ग्रुप C और D समेत सभी कर्मचारियों की सैलरी बम्पर बढ़ेगी.

8th Pay Commission को लेकर सरकारी कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है. हाल ही में फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने सरकार को एक लंबी मांगों वाली चिट्ठी भेजी है.

8वें वेतन आयोग की तैयारी: FNPO की बड़ी मांगें

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संगठन FNPO ने नेशनल काउंसिल (NCJCM) को 60 पन्नों का एक विस्तृत मांग पत्र भेजा है. इसमें कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते, प्रमोशन और पे-स्ट्रक्चर को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलावों का सुझाव दिया गया है. 15 फरवरी को इस पर एक अहम बैठक होने वाली है, जिसके बाद अंतिम प्रस्ताव सरकार को सौंपा जाएगा.

फिटमेंट फैक्टर में बड़े बदलाव का प्रस्ताव

FNPO का कहना है कि पुराने वेतन आयोगों में सभी लेवल के कर्मचारियों के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं हुआ. इसलिए इस बार उन्होंने ‘मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर’ की मांग की है.

  • लेवल 1 से 5 तक: फिटमेंट फैक्टर 3.0 रखने का सुझाव.
  • लेवल 10 से 12 तक: 3.1 का फैक्टर.
  • ऊंचे लेवल (17-18): के लिए 3.25 तक का फिटमेंट फैक्टर मांगा गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.

सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग

  • अभी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी हर साल 3% बढ़ती है. संगठन ने मांग की है कि इसे बढ़ाकर 5% किया जाए. इसके पीछे तर्क दिया गया है कि.
  • इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
  • सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की सैलरी का अंतर कम होगा.
  • इससे सबसे ज्यादा फायदा ग्रुप C और ग्रुप D के कर्मचारियों को होगा, जिनके पास प्रमोशन के मौके ग्रुप A और B के मुकाबले कम होते हैं.

7वें वेतन आयोग का ‘पे-मैट्रिक्स’ सिस्टम रहेगा जारी

FNPO ने यह भी सुझाव दिया है कि सरकार को 7वें वेतन आयोग द्वारा शुरू किए गए ‘पे-मैट्रिक्स सिस्टम’ को ही जारी रखना चाहिए. उनके अनुसार, यह सिस्टम समझने में आसान है और इससे सैलरी फिक्सेशन में काफी स्पष्टता रहती है. 15 फरवरी की बैठक के बाद, NCJCM एक फाइनल ड्राफ्ट तैयार करेगा. इस ड्राफ्ट को 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को भेजा जाएगा. इसके बाद ही तय होगा कि सरकार इनमें से कितनी मांगों को स्वीकार करती है.

Also Read: NSE रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, डायरेक्ट स्टॉक छोड़ म्यूचुअल फंड्स की ओर मुड़े भारतीय

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >