कारोबार डेस्क आज मंगलवार को संसद के बजट सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट होगा. अच्छे दिन की वायदे को लेकर आये इस सरकार की बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है. वहीं, आम लोग बजट से […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
कारोबार डेस्क
आज मंगलवार को संसद के बजट सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट होगा. अच्छे दिन की वायदे को लेकर आये इस सरकार की बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है. वहीं, आम लोग बजट से टैक्स में छूट मिलने की उम्मीद कर रहे है, सवाल यह है कि सरकार क्या वेतनभोगियों को छूट देने की घोषणा कर सकती है.
ऐसोचैम सर्वे
उद्योग एवं वाणिज्य संगठन ऐसोचैम के एक सर्वे के अनुसार आम लोगों बजट में टैक्स सीमा में छूट चाहते हैं. सर्वे में यह कहा गया कि लोग आयकर में 4 लाख तक की छूट चाहते हैं. एसौचेम सर्वे में 88 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की चिकित्सा पर खर्च की जाने वाली राशि के लिए कर छूट का दायरा बढ़ाने की उम्मीद जतायी है.
चिकित्सा में खर्च करने वाली राशि में कर छूट की मांग
ऐसौचेम सर्वे में कहा गया है कि 88 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की चिकित्सा पर खर्च की जाने वाली राशि के लिए भी कर छूट का दायरा बढ़ाने की उम्मीद की है. साल 1998 में 15000 रुपये प्रतिवर्ष तय की गयी थी. आम लोगों ने उम्मीद की है कि चिकित्सा में खर्च करने वाली राशि की सीमा 50,000 तक बढ़ायी जायेगी. सरकार टैक्स प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टैक्स में ज्यादा जोर देगी.
भारत में कर मामलों के लिए कमिटी भी बनायी गयी है. ईश्वर समिति ने सरकार को एक सुझाव भी दिया है है कि कर अधिकारियों के उस अधिकार को छीन लिया जाये जिसके तहत वह करदाताओं से बकाये वसूली के लिए असहमत होने पर मन मुताबिक हर्जाना लगाते हैं, सरकार अगर ऐसे फैसले लेती है तो ये कर संबंधी माहौल को कम विवादित बनाने में मदद करेंगे.