बैंकों को दी जा सकती है संकटग्रस्त परियोजनाओं में हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति: राजन

मुंबई: रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि बैंकों को ऋण पुनर्गठन से गुजर रही कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 10 प्रतिशत की सीमा से परे ले जाने की जल्द ही अनुमति दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि आरबीआइ अधिक उत्पादक ऋण पुनर्गठन की सहूलियत के लिए दो उपायों को पेश […]

मुंबई: रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि बैंकों को ऋण पुनर्गठन से गुजर रही कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 10 प्रतिशत की सीमा से परे ले जाने की जल्द ही अनुमति दी जा सकती है.

उन्होंने कहा कि आरबीआइ अधिक उत्पादक ऋण पुनर्गठन की सहूलियत के लिए दो उपायों को पेश करने की योजना बना रहा है. साथ ही केंद्रीय बैंक नए ऋण के लिए 5-25 नियम का विस्तार करने पर भी विचार कर रहा है.
5-25 नियम के तहत एक बैंक एक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर को 25 साल के लिए ऋण दे सकता है और पांच साल बाद ऋण के नियमों को फिर से तय करने या इस ऋण को अन्य बैंक या वित्तीय संस्थाना को हस्तांतरित करने का विकल्प उसके पास होता है.
द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा घोषित करने के बाद राजन ने संवाददाताओं को बताया, अगले कुछ दिनों में मुझे दो प्रमुख मामलों में ढील की घोषणा किए जाने की उम्मीद है. एक ढील 5-25 नियम के पुनर्गठन की दिशा में होगी. राजन ने कहा, कुछ क्षेत्रों में काफी वित्तीय दबाव है. हम वित्तीय पुनर्गठन की जरुरत को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रवार के बजाय एक समग्र दृष्टिकोण अपनाते रहे हैं.

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