PAN Card Mandatory Transactions: ज्यादातर लोग मानते हैं कि PAN कार्ड का काम सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने तक सीमित है. लेकिन असल में, आपकी मेहनत की कमाई और बड़े लेन-देन पर सरकार की पैनी नजर इसी कार्ड के जरिए रहती है. इनकम टैक्स नियमों के Rule 114B के अनुसार, ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने और टैक्स चोरी रोकने के लिए नीचे दिए गए 17 कामों में PAN देना अनिवार्य है.
किन 17 बड़े लेन-देन में PAN कार्ड देना अनिवार्य है?
- गाड़ी खरीदना/बेचना: दोपहिया वाहन को छोड़कर किसी भी गाड़ी के लिए.
- बैंक अकाउंट: किसी भी बैंक में नया खाता खोलने के लिए (BSDA को छोड़कर).
- कार्ड और डीमैट: क्रेडिट/डेबिट कार्ड अप्लाई करने या शेयर बाजार के लिए डीमैट अकाउंट खोलने पर.
- होटल बिल: होटल या रेस्तरां में 50,000 रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट करने पर.
- विदेश यात्रा: विदेश जाने या विदेशी करेंसी खरीदने के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा का कैश देने पर.
- म्यूचुअल फंड: 50,000 रुपये से ज्यादा का इनवेस्टमेंट करने पर.
- डिबेंचर या बॉन्ड: किसी कंपनी से 50,000 रुपये से अधिक के बॉन्ड खरीदने पर.
- RBI बॉन्ड: रिजर्व बैंक के बॉन्ड खरीदने के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा की पेमेंट पर.
- कैश डिपॉजिट: बैंक में एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा कैश जमा करने पर.
- बैंक ड्राफ्ट: 50,000 रुपये से ज्यादा का ड्राफ्ट या पे-ऑर्डर कैश में बनवाने पर.
- फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): बैंक या पोस्ट ऑफिस में 50,000 रुपये से ज्यादा की FD कराने पर.
- डिजिटल वॉलेट: ई-वॉलेट या प्रीपेड कार्ड में साल भर में 50,000 रुपये से ज्यादा डालने पर.
- LIC प्रीमियम: साल में 50,000 रुपये से ज्यादा का लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम भरने पर.
- सिक्योरिटीज: शेयर के अलावा अन्य सिक्योरिटीज में 1 लाख रुपये से ज्यादा के सौदे पर.
- अनलिस्टेड शेयर: स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट न होने वाली कंपनी के 1 लाख रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदने पर.
- प्रॉपर्टी: 10 लाख रुपये से ज्यादा की जमीन, मकान या दुकान खरीदने-बेचने पर.
- अन्य खरीदारी: किसी भी सामान या सर्विस के लिए 2 लाख रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर.
नियम तोड़ने पर क्या विभाग को पता चल जाता है?
जी हां, इनकम टैक्स विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर रखी है. विभाग के अनुसार, यह उस संस्था की कानूनी जिम्मेदारी है जो आपसे पेमेंट ले रही है. उदाहरण के लिए, यदि आप बैंक अकाउंट खोलते हैं, तो यह बैंक की जिम्मेदारी है कि वह आपसे PAN कार्ड ले. अगर कोई संस्थान बिना PAN के ये लेन-देन करता है, तो उन पर कार्रवाई हो सकती है. इस तरह विभाग हर हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन को ट्रैक करता है.
अप्रैल 2026 से PAN कार्ड के नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?
1 अप्रैल 2026 से PAN कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बदल गई है. अब आप सिर्फ आधार कार्ड के दम पर PAN नहीं बनवा सकते. अब आपको डेट ऑफ बर्थ (DOB) के लिए अलग से प्रूफ देना अनिवार्य है. इसके लिए आप बर्थ सर्टिफिकेट, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या 10वीं की मार्कशीट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
विदेशी नागरिकों और कंपनियों के लिए नए फॉर्म क्या हैं?
अब पैन कार्ड अप्लाई करने के लिए सरकार ने पुराने फॉर्म 49AA को हटाकर अब नए फॉर्म पेश किए हैं:
- फॉर्म 95: भारत के नागरिक न होने वाले व्यक्तियों के लिए.
- फॉर्म 96: भारत के बाहर रजिस्टर्ड कंपनियों या संस्थाओं के लिए.
इस से जुड़ी इंकम टैक्स इंडिया की ऑफिशियल एक्स पोस्ट देखें:
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