नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड : एक कार्ड से देश भर में मेट्रो, बस, टोल का भुगतान

नयी दिल्ली : देश के सभी महानगरों में मेट्रो रेल, लोकल बस और ऑटो टैक्सी आदि सार्वजनिक परिवहन के सभी साधनों के किराये का भुगतान एक ही कार्ड से करने की सुविधा में टोल टैक्स और पार्किंग के भुगतान को भी शामिल कर लिया गया है. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने ‘नेशनल […]

By Prabhat Khabar Print Desk | June 17, 2018 2:03 PM

नयी दिल्ली : देश के सभी महानगरों में मेट्रो रेल, लोकल बस और ऑटो टैक्सी आदि सार्वजनिक परिवहन के सभी साधनों के किराये का भुगतान एक ही कार्ड से करने की सुविधा में टोल टैक्स और पार्किंग के भुगतान को भी शामिल कर लिया गया है. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (एनसीएमसी) से मिलने वाली सुविधाओं में इजाफा करते हुए टोल प्लाजा और पार्किंग एजेंसियों से इस कार्ड को अपनी ऑनलाइन भुगतान सेवा से जोड़ने को कहा है.

आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में इस परियोजना की समीक्षा बैठक में एनसीएमसी की सुविधाओं का दायरा बढ़ाते हुए संबद्ध प्राधिकरणों को यथाशीघ्र कार्ड को भुगतान सेवा से जोड़ने को कहा है.

इसे भी पढ़ें : ‘गुरु की गोलक’ : भक्त और भगवान के बीच डिजिटल इंडिया कनेक्शन

परियोजना से जुड़े मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती चरण में एनसीएमसी का उपयोग मेट्रो रेल परियोजनाओं से जुड़े सभी स्मार्ट शहरों में किया जायेगा. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल दिल्ली और कोच्चि में मेट्रो रेल और लोकल बस में एक ही कार्ड से किराये का भुगतान किया जा रहा है.

अधिकारी ने बताया मंत्रालय की ओर से नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड सेवा राष्ट्रीय स्तर पर शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गयी है. सभी शहरों में इस्तेमाल किये जा सकने वाले कार्ड भी बनकर तैयारहैं. सिर्फ टोल प्लाजा और पार्किंग का संचालन करने वाली एजेंसियों द्वारा इसे अपनी ऑनलाइन भुगतान सेवा से जोड़ने का इंतजार है.

इसे भी पढ़ें : पुलिस की सेंध को रोकने के लिए एप्पल और मजबूत करेगा अपने फीचर

परियोजना का उद्देश्य भविष्य में एनसीएमसी को डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल करने की सुविधा से लैस करना है. इससे कार्डधारक सार्वजनिक परिवहन के साधनों के किराये, टोल टैक्स, पार्किंग और सामान्य खुदरा खरीदारी का भुगतान भी इससे कर सकेंगे.

उल्लेखनीय है कि एनसीएमसी को लागू करने के लिए मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर सितंबर, 2015 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआइ) को स्थानीय परिवहन सेवा के लिए पूरे देश में एक ही भुगतान कार्ड को विकसित करने की जिम्मेदारी दी गयी थी. इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की सॉफ्टवेयर कंपनी ‘सीडेक’ को देश भर में मेट्रो रेल के किराया वसूली की स्वचालित प्रणाली विकसित करने के कहा गया था.

इसे भी पढ़ें : अब फसलों की सेहत की निगरानी करेंगे ड्रोन, जीपीएस से चलने वाले ट्रैक्टर जोतेंगे खेत

एनपीसीआइ और सीडेक द्वारा विकसित प्रणाली से एनसीएमसी के इस्तेमाल को दिल्ली और कोच्चि के अलावा मुंबई, नागपुर, बेंगलुरु और अहमदाबाद में लोकल बस और मेट्रो प्राधिकरणों ने लागू करने की मंजूरी दे दी है. मंत्रालय ने बाद में इस कार्ड के द्वारा टोल, पार्किंग और मामूली खरीदारी के भुगतान को भी जोड़ने का फैसला किया.

इसे लागू करने के लिए राष्ट्रीय सूचनाकेंद्र (एनआइसी), सीडेक, एनपीसीआइ, भारतीय मानक ब्यूरो और वित्त मंत्रालय के विशेषज्ञों की एक समिति ने दुनिया भर में प्रचलित कॉमन कार्ड के मॉडल का अध्ययन कर भारत में ‘इएमवी ओपन लूप कार्ड’ अपनाने का सुझाव दिया है. अधिकारी ने बताया कि समिति की सिफारिशों के आधार पर एनसीएमसी की कार्यप्रणाली तय करते हुए कार्ड तैयार कर लिया गया है. भविष्य में इसे देश के सभी छोटे बड़े शहरों में लागू करने की महत्वाकांक्षी योजना है.

Next Article

Exit mobile version